राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनावी मुकाबले की नौबत ही नहीं आई. आज शाम नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद भाजपा के डॉ. सतीश पूनिया व डॉ. अलका सिंह गुर्जर और कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. निर्वाचन अधिकारी ने तीनों उम्मीदवारों को जीत का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया. इसके साथ ही 18 जून को प्रस्तावित मतदान की नौबत खत्म हो गई.
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव निर्विरोध हुआ. निर्वाचित सांसदों का कार्यकाल जून 2032 तक रहेगा.
जीत के बाद बीजेपी के डॉ. सतीश पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा नेतृत्व, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पार्टी विधायकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया है और वे राज्यसभा में राजस्थान की आवाज मजबूती से उठाएंगे. पार्टी उन्हें आगे भी जो जिम्मेदारी देगी, उससे वह निभाते रहेंगे.
बीजेपी की ही डॉ. अलका सिंह गुर्जर ने अपने निर्वाचन को महिला सशक्तिकरण और जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो विश्वास जताया है, उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगी.
वहीं कांग्रेस के नीरज डांगी ने पार्टी नेतृत्व और कांग्रेस विधायकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि वे राज्यसभा में राजस्थान के हितों और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे तथा केंद्र सरकार की नीतियों पर विपक्ष की प्रभावी आवाज बनेंगे.
इन चुनावों के बाद राजस्थान से राज्यसभा में भाजपा और कांग्रेस के सांसदों की संख्या बराबर होकर 5-5 हो गई है. अब प्रदेश में अगला राज्यसभा चुनाव जून 2028 में चार सीटों के लिए होगा.