राजस्थान में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भजन लाल सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के दायरे का विस्तार करते हुए बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) सितंबर से नया यूटिलिटी लेड मॉडल लागू करने की तैयारी में है. इस मॉडल के तहत पहले चरण में करीब 3 लाख घरों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे.
बिजली बिल शून्य होगा
नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना के पात्र ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक है, उनके घरों पर डिस्कॉम 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम नि:शुल्क स्थापित करेगा. इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करना है, जिससे उनका मासिक बिजली बिल शून्य या बेहद कम हो सके.
उपभोक्ताओं को नहीं करना होगा निवेश
अब तक पीएम सूर्य घर योजना में उपभोक्ता को पहले अपने स्तर पर सोलर रूफटॉप लगवाना पड़ता था, और बाद में निर्धारित सब्सिडी मिलती थी, लेकिन नए यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल में यह जिम्मेदारी सीधे डिस्कॉम निभाएगा. यानी पात्र उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए शुरुआती निवेश नहीं करना होगा. डिस्कॉम ही उपकरणों की खरीद, स्थापना, गुणवत्ता नियंत्रण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का प्रबंधन करेगा.
सोलर रूफटॉप लगाने की रफ्तार तेज होगी
सरकार का मानना है कि इस मॉडल से सोलर रूफटॉप लगाने की रफ्तार तेज होगी. बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा और बिजली उत्पादन में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी. इससे घरेलू बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी घटेगी.
सस्ती बिजली देना सरकार का लक्ष्य
ऊर्जा विभाग के अनुसार, सितंबर में इस मॉडल को लॉन्च करने के बाद पात्र उपभोक्ताओं की पहचान, पंजीकरण और सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी. सरकार का लक्ष्य राज्य में रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ावा देना और अधिक से अधिक परिवारों को सस्ती तथा स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है.
यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक रहती है. ऐसे उपभोक्ताओं को बिना किसी प्रारंभिक खर्च के सोलर ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा और उनकी बिजली पर होने वाला खर्च काफी हद तक समाप्त हो सकता है.