राज्यसभा चुनाव के बाद कितनी बढ़ गई BJP की सीटें, NDA हुआ ताकतवर; देखें गणित

राज्यसभा चुनाव के औपचारिक नतीजों से पहले ही एनडीए ने मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। गठबंधन के 15 से अधिक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा ने राज्यसभा की सभी तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्ष के कई नेता भी बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंच गए हैं। बाकी सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा।

इन सीटों पर होगा चुनाव
झारखंड की दो सीटों पर, जहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है, तथा मिजोरम की एक सीट पर चुनाव 18 जून को कराया जाएगा। दस राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के चुनाव तथा महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच गुरुवार को की गई। निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए सभी उम्मीदवारों को संबंधित निर्वाचन अधिकारियों ने जीत का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।

रोमांचक होगा मुकाबला
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव कराया जाएगा, जहां तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी शामिल हैं। नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के निदेशक हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। झारखंड विधानसभा में INDIA गठबंधन के 56 विधायक हैं और जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।

वहीं, भाजपा के पास 21 विधायक हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू), लोजपा (रामविलास) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन का एक-एक विधायक है। मिजोरम से एकमात्र राज्यसभा सीट के चुनाव के लिए, सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (JPM) के प्रवक्ता के लालतलुआंगकिमा और मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) से ज़ोथानसांगी हमार चुनावी मैदान में हैं।

MP में हुआ बड़ा खेला
मध्यप्रदेश में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचन अधिकारी ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत चार उम्मीदवारों को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इनमें एक भाजपा उम्मीदवार है। खरगे के अलावा, अन्य नवनिर्वाचित सदस्यों में कांग्रेस सचिव मंसूर अली खान, खेड़ा और भाजपा के एम नागराज शामिल हैं। राज्य से मौजूदा चार राज्यसभा सदस्यों इरन्ना कडाडी और नारायण कोरागाप्पा (दोनों भाजपा से), कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी देवेगौड़ा का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा है और इन रिक्त पदों को भरने के लिए चुनाव की घोषणा की गई थी।

राज्यसभा चुनाव के इस दौर के साथ ही, संसद में देवेगौड़ा की पांच दशकों से ज्यादा लंबी पारी खत्म हो जाएगी। गुजरात से चार सीट के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के सभी चारों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इनमें राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया शामिल हैं।

आंध्र प्रदेश से NDA के चारों उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए। निर्वाचित उम्मीदवारों में तीन तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और एक जनसेना से है। निर्वाचन अधिकारी आर वनिता रानी ने बश्याम रामकृष्ण, लिंगमनेनी रमेश, सी विजय और सना सतीश बाबू के उच्च सदन के लिए निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। रामकृष्ण, विजय और बाबू तेदेपा से हैं, जबकि रमेश जनसेना से हैं। विजय, आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सी अय्यन्नापतरुदू के पुत्र हैं।

राजस्थान से भाजपा के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।

नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेम्स के संगमा मेघालय से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के भाई जेम्स के संगमा को उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनाव के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया, क्योंकि मुकाबले में कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था। वानवेइरॉय खरलुखी का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यसभा की सीट खाली हो गई थी।

मणिपुर में, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अधिकारीमायुम शारदा देवी को राज्य से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ताई तागाक अरुणाचल प्रदेश से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राजेंद्र जैन उपचुनाव में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

ओडिशा में, भाजपा उम्मीदवार देवाशीष सामंतराय को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। बीजू जनता दल (BJD) छोड़ने और संसद के उच्च सदन के सदस्य के रूप में इस्तीफा देने के बाद 26 मई को भाजपा में शामिल हुए सामंतराय इस उपचुनाव में एकमात्र उम्मीदवार थे। तमिलनाडु से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

अन्नाद्रमुक नेता सी षणमुगम ने अपना छह वर्षीय कार्यकाल 2028 में समाप्त होने से पहले ही सात मई को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह वर्ष 2022 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के समर्थन से चक्रवर्ती ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। नौ जून को अधिकारियों ने उनके नामांकन को वैध घोषित कर दिया, जबकि 12 निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए।