महंगे तेल ने बिगाड़ा खेल, मई में भागी महंगाई, खुदरा महंगाई दर 3.93%, खाने-पीने की चीजों के बढ़े दाम

Inflation in May: खाड़ी युद्ध की वजह से भारत में तेल और गैस की बढ़ी कीमतों का असर महंगाई के आंकड़ों पर दिखने लगा है. मई 2026 में रिटेल महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिली है. भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से शुक्रवार, 12 जून को आंकड़े जारी किए गए. इन आंकड़ों के मुताबित देश में मंहगाई बढ़ी है. खाद्य महंगाई दर मई 2026 में 4.78 फीसदी (MoM) पर पहुंच गई है. बता दें कि खुदरा महंगाई दर 3.80 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था. ग्रामीण महंगाई दर 3.74 फीसदी से बढ़कर 4.25 फीसदी (MoM) पर पहुंच गई है. जबकि शहरी महंगाई दर 3.16% से बढ़कर 3.53% (MoM) हो गई है.

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स(CPI)-बेस्ड महंगाई दर मई 2026 में 3.93 फीसदी पर पहुंच गई है, जो कि अप्रैल 2026 में 3.48 फीसदी थी. MoSPI की ओर से साझा डेटा के मुताबिक भारत में खुदरा महंगाई दर पिछले महीने के 3.48 फीसदी से बढ़कर 3.93 फीसदी पर पहुंच गई है. इस साल रिटेल महंगाई दर के आंकड़े कुछ इस तरह से हैं.

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ा है, जिसने खुदरा महंगाई को बढ़ा दिया है. सरकार ने जनवरी 2026 में CPI की नई सीरीज शुरू की थी, संशोधित वस्तु टोकरी और नए बेस ईयर के साथ महंगाई का कैलकुलेशन शुरू किया गया था. इस हिसाब से मई 2026 के महंगाई के आंकड़े नए सीपीआई सीरीज में सबसे अधिक है.

महंगे तेल ने बिगाड़ा खेल, मई में भागी महंगाई
महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह तेल और गैस के बढ़े दाम है. सरकारी तेल कंपनियों ने युद्ध के बाद से चार बार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की.घरेलू सिलेंडर के दाम दो बार और कमर्शियल सिलेंडर के दाम में चार बार बढ़ोतरी की गई है. तेल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ा है. परिवहन महंगाई अप्रैल में -0.01% थी, जो मई में बढ़कर 1.75% पर पहुंच गई. फूड एंड बेवरेज महंगाई 4.01% से बढ़कर 4.55%, तो कपड़ा और जूता महंगाई 2.80% से बढ़कर 2.98% पर पहुंच गई. मई में कोर महंगाई दर 3.4% से बढ़कर 3.8% (MoM) पर पहुंच गया है.

जनवरी में 2.74%
फरवरी में 3.21%
मार्च में 3.4%
अप्रैल में 3.48%