बिहार एमएलएसी चुनाव में आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) के बेटे दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) को मौका नहीं मिला था. जैसे ही प्रत्याशियों का नाम सामने आया तो इसकी चर्चा शुरू हो गई कि अब दीपक प्रकाश का मंत्री पद जा सकता है. इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तस्वीर साफ की है. शुक्रवार (12 जून, 2026) को सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश आज भी मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे. सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरा होने पर आयोजित पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
‘बिहार को निरंतर मिल रहा केंद्र का सहयोग’
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ के समय से जो भी संकल्प देश के सामने रखा, उसे पूरा करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि बिहार को केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग मिल रहा है, जिससे विकास कार्यों को गति मिली है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है और ग्रामीण सड़क संपर्क में सुधार हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी पर 7 नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 7 अन्य पुल निर्माणाधीन हैं. इसके अलावा कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी प्रमुख नदियों पर भी नए पुलों एवं संपर्क परियोजनाओं का विस्तार किया गया है. औंटा-सिमरिया गंगा पुल और पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती दी है.
सीएम ने अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में पटना, दरभंगा और पूर्णिया के साथ-साथ सहरसा, बीरपुर, मुजफ्फरपुर रक्सौल, वाल्मीकिनगर और अन्य स्थानों पर हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. राजगीर, सासाराम और कैमूर क्षेत्र में नई एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है और भविष्य में आवश्यकता के अनुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा.
‘उद्योग के क्षेत्र में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. पहले उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की अलग-अलग स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं, लेकिन अब 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की जा रही है. कोई भी निवेशक आवेदन करेगा तो निर्धारित अवधि के भीतर उसे आवश्यक स्वीकृतियां स्वतः उपलब्ध हो जाएंगी.
उन्होंने कहा कि पहले जहां 9-10 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. 21 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं. इसी तरह अन्य उपलब्धियों के बारे में और भी बहुत कुछ सीएम ने बताया.