Rajasthan Weather Today: राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक आंधी, मेघगर्जन और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी ने बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
आईएमडी के अनुसार, पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते गुजरने वाली मौसमी ट्रफ सक्रिय बनी हुई है. इसके अलावा दक्षिण पंजाब, दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि लद्दाख क्षेत्र में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौसम को प्रभावित कर रहा है. इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं.
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है. विभाग ने 15 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी जिलों में भी राहत का दौर जारी रह सकता है.इससे किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
चुरू और सरदारशहर क्षेत्र में रेत का बवंडर देखने को मिला
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा मौसम का प्रभाव देखने को मिला. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जिसके कारण दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया. दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा. आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया. चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र में रेत का विशाल बवंडर देखने को मिला, जबकि सीकर में धूल का घना गुबार छा गया. कोटपूतली-बहरोड़ इलाके में पहले तेज बवंडर उठा और उसके बाद बारिश ने दस्तक दी.अलवर में भी शाम के समय तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई.
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, मंगलवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज मेघगर्जन, आंधी और मध्यम से तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है. विभाग ने बताया कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला आगामी चार से पांच दिनों तक जारी रह सकता है.
पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी जयपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. जयपुर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, फलौदी और श्रीगंगानगर जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान फलौदी में 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शाम 5:30 बजे तक राज्य में सापेक्षिक आर्द्रता 20 से 60 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई.
कृषि मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि खुले आसमान के नीचे रखी हुई पकी फसल, कृषि उपज, अनाज और अन्य जिंसों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान से बचाया जा सके. मौसम विभाग ने लोगों को भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.