यूपी की बेटियों के लिए खुशखबरी! खुलेंगे 80 नए आवासीय स्कूल

UP Residential Girls Schools: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में बेटियों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. दरअसल, जल्द ही प्रदेश के अलग-अलग ब्लॉक में 80 नए आवासीय बालिका विद्यालय खोले जाएंगे. इन स्कूलों में छात्राओं को कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई कराई जाएगी और साथ ही उन्हें रहने की भी सुविधा मिलेगी. इन स्कूलों को खोलने का उद्देश्य दूर-दराज के इलाकों की उन छात्राओं को बेहतर शिक्षा देना है, जिन्हें स्कूल तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है.

हर छात्रा को मिलेगा पढ़ने और रहने का बेहतर माहौल
नए आवासीय विद्यालयों में मॉडर्न क्लास और हॉस्टल बनाए जाएंगे. यहां छात्राओं को सुरक्षित माहौल, क्वालिटी एजुकेशन और रहने की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की अधिक से अधिक बेटियां अपनी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के पूरी कर सकेंगी.

प्रदेश में पहले से चल रहे हैं 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय
प्रदेश में फिलहाल 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहले से चल रहे हैं, जहां हजारों छात्राएं हॉस्टल सुविधा के साथ शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. अब जिन ब्लॉक में अभी तक ऐसे विद्यालय नहीं हैं, वहां नए स्कूल बनाए जाएंगे ताकि हर क्षेत्र की बेटियों को समान अवसर मिल सके.

जमीन मिलने के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
सरकार की ओर से बताया गया है कि कुछ ब्लॉक में विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है और वहां क्लास के डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं. वहीं, कुछ जिलों में अभी जमीन की तलाश जारी है. जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे विद्यालय जल्द से जल्द शुरू हो सकें.

जिलाधिकारियों को दिए गए खास निर्देश
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि ऐसी जमीन का चयन किया जाए, जहां पहुंचने का रास्ता आसान हो, भूमि किसी विवाद में न हो और उसके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन न गुजरती हो.

सरकारी परिसरों को मिलेगी प्राथमिकता
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अगर परिषदीय विद्यालयों, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों या जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में से किसी भी परिसर में पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, तो उसे प्राथमिकता दी जाए. इससे नए विद्यालयों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा सकेगा और छात्राओं को जल्द ही नई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.

बेटियों के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान
80 नए आवासीय बालिका विद्यालय खुलने से प्रदेश की हजारों छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन, सुरक्षित आवास और बेहतर भविष्य का अवसर मिलेगा. यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों की बेटियों के लिए शिक्षा के नए रास्ते खोलेगी.