एवियन। ओमान के पास समुद्र में एक कमर्शियल जहाज़ पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप समेत कई नेताओं की मौजूदगी में कहा कि युद्धों का समाधान सिर्फ बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही हो सकता है और सभी देशों को समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
मोदी ने फ्रांस के एवियन रिसॉर्ट में जी7 समिट के एक सेशन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस सेशन का विषय था “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना”। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के दो दिन बाद हुए इस सेशन में भारत के अलावा ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगी देशों को भी आमंत्रित किया गया था।
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‘समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’
ट्रंप के ठीक बगल में बैठे प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र में कहा, “समुद्री रास्ते से दुनिया भर के देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह पक्का करना होगा कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। भारत इन मुद्दों पर सभी सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
पश्चिम एशिया में शांति के प्रयासों का किया स्वागत
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत किया और कहा कि इस संघर्ष में कई भारतीय नागरिकों की जान गई है और क्षेत्र के मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री व्यापार में रुकावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है।
साझा चुनौतियों से निपटने के लिए भरोसे पर आधारित साझेदारी और वैश्विक एकजुटता के महत्व पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, “भारत का दृढ़ विश्वास है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी तनाव और युद्धों का स्थायी समाधान केवल बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही संभव है।”
G7 समिट के दौरान ट्रंप के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक से एक दिन पहले मोदी ने ये बातें कहीं। इससे पहले पिछले हफ्ते जब अमेरिकी विमान ने टैंकर MT Settebello पर हमला किया तो इसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। अमेरिकी नौसेना ने ओमान के तट के पास तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया, जिन पर 65 से ज्यादा भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। इन जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश करने का आरोप था।