बिहार पुलिस परीक्षा: 14 जून के बवाल के बाद रेलवे अलर्ट, अभ्यर्थियों के लिए चलेंगी 30 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें

पाटलिपुत्र : पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) ने परीक्षा के बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 30 से ज्यादा एग्जाम स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। दो दिन पहले पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

यह भर्ती परीक्षा केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) सीएसबीसी द्वारा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के जरिए 4236 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें तीन श्रेणियों के पद शामिल हैं-

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के उत्पाद सिपाही पद (Excise Constable)गृह विभाग के कारा प्रशासन में वार्डर (Warder)परिवहन विभाग के प्रवर्तन दस्ते में सिपाही (Constable) के पद।

परीक्षा के दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी ना हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।

चार पालियों में आयोजित हो रही बिहार पुलिस परीक्षा

बिहार पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा 14 जून और 17 जून को कुल चार पालियों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्र बिहार के सभी 38 जिलों में बनाए गए हैं। सुबह की पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होती है जिसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच रिपोर्ट करना होता है। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाती है और इसके लिए उम्मीदवारों को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच परीक्षा केंद्र पहुंचना होता है।

पहले चरण की परीक्षा में हुई थी अफरा-तफरी

परीक्षा के दूसरे चरण के लिए रेलवे की यह विशेष व्यवस्था 14 जून को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई अफरा-तफरी के बाद की गई है। उस दिन परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की भारी भीड़ स्टेशन पर जमा हो गई थी।

रेलवे और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग को लेकर पथराव और तोड़फोड़ की जिससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। आरोप है कि बाद में कुछ लोगों ने परीक्षा रद्द करने की मांग करते हुए ट्रेनों को रवाना होने से भी रोक दिया। इसके बाद हालात पर काबू पाने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रशासन को बल प्रयोग कर भीड़ को हटाना पड़ा।

छह लोग गिरफ्तार

इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

रविवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस भर्ती के लिए कुल 1104473 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 14 जून को आयोजित दो पालियों की परीक्षा के लिए 552236 उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। यह परीक्षा राज्यभर के 544 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

परीक्षा के दूसरे चरण में अभ्यर्थियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) ने 16 और 17 जून को 30 से अधिक स्पेशल परीक्षा ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।

16 जून को पांच विशेष ट्रेनें चलाई गईं जिनमें पाटलिपुत्र से किशनगंज, अररिया और नौगछिया, जबकि पटना से नरकटियागंज और भभुआ के लिए ट्रेन सेवाएं शामिल थीं। इससे परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी और 14 जून जैसी अव्यवस्था से बचने में मदद मिलेगी।

रेलवे के खास इंतजाम

रेलवे ने कहा कि इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य अभ्यर्थियों की यात्रा को आसान बनाना है। साथ ही उम्मीदवारों से अपील की गई है कि वे परीक्षा के लिए यात्रा करते समय इन स्पेशल ट्रेनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

दूसरे चरण के लिए की गई यह व्यवस्था पहले चरण की तुलना में काफी बड़ी है। 14 जून को पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) ने परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए कुल 19 स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं जिनमें दानापुर मंडल की 12 और समस्तीपुर मंडल की 7 ट्रेनें शामिल थीं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे चरण में 30 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का विस्तारित नेटवर्क इसलिए तैयार किया गया है ताकि स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़भाड़ को रोका जा सके और राज्यभर में अभ्यर्थियों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सके।

स्टेशनवार व्यवस्था के अनुसार:-पाटलिपुत्र और पटना रेलवे स्टेशन से तीन-तीन स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।-बक्सर, बेतिया, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, समस्तीपुर, बख्तियारपुर और राजगीर से दो-दो स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी।-वहीं गया, किऊल, दौरम मधेपुरा, पूर्णिया कोर्ट, सहरसा, सुपौल, हाजीपुर, सोनपुर और नौगछिया से एक-एक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।

रेलवे का मानना है कि इन अतिरिक्त सेवाओं से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और 14 जून को पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई अफरा-तफरी जैसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।