रायपुर। भारी-भरकम रैलियां, लंबे-चौड़े भाषण और कड़े प्रोटोकॉल की अनदेखी कर जेन जी के (Gen Z) युवाओं को लुभाने के लिए राजनीति को कूल, रीलेटेबल और सीधे जुड़ाव वाला होना पड़ता है। इसी रणनीति के तहत, छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपनी उम्मीद तलाश रही कांग्रेस के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को नया अंदाज दिखाया। रायपुर के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद, राहुल गांधी ने दिल्ली लौटने से पहले एयरपोर्ट के पास एक लोकल ‘मैगी और चाय प्वाइंट’ पर अपना अड्डा जमा लिया।
गुटबाजी से दूर रहें
इससे पहले, संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित शिविर में राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को संदेश दिया कि वे पारंपरिक राजनीति का ढर्रा छोड़ें। उन्होंने नेताओं से कहा कि संगठन में मिला पद अहंकार दिखाने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं और जनता के बीच जाकर काम करने के लिए है। उन्होंने गुटबाजी से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में केवल वही टिकेगा जो जमीनी स्तर पर सक्रिय होगा। सत्र खत्म होने पर जब जिलाध्यक्षों ने तस्वीरें खिंचवाने की इच्छा जताई, तो राहुल ने किसी वीआईपी की तरह दूरी बनाने के बजाय सबके साथ सहजता से व्यक्तिगत तस्वीरें खिंचवाईं।
आया जेन जी मूवमेंट
दिन का सबसे बड़ा ‘जेन जी मोमेंट’ तब आया जब राहुल गांधी का काफिला एयरपोर्ट के पास एक आम दुकान पर रुका। राजनीति की गंभीर चर्चाओं को पीछे छोड़ राहुल गांधी ने वहां मैगी और चाय का ऑर्डर दिया। इस दौरान प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके साथ मौजूद थे। राहुल ने वहां चाय की चुस्कियां लीं, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट भी खिलाया।
युवा रहे टार्गेट
कभी ट्रक ड्राइवरों के साथ सफर करने वाले, तो कभी कुलियों और मैकेनिकों के बीच बैठने वाले राहुल गांधी का यह मैगी प्वाइं अड्डा’ छत्तीसगढ़ के उस युवा वर्ग को टारगेट करता है, जो सोशल मीडिया और रील्स के इस दौर में नेताओं को अपने जैसा देखना चाहता है। चाय की टपरी और मैगी प्वाइंट से निकला यह संदेश साफ है कि कांग्रेस अब छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए जेन जी के रंग में रंगने को तैयार है।