खरगोन. मध्य प्रदेश के सनावद तहसील के अंतर्गत आने वाले बासवा गांव से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां सक्रिय अवैध खनन माफिया ने पैसों की खातिर कब्रिस्तान क्षेत्र को अपना निशाना बना लिया है. मिट्टी चोरी करने के लालच में माफिया ने कब्रिस्तान की जमीन पर बेखौफ होकर जेसीबी मशीनें चला दीं. इस अंधाधुंध और अवैध खुदाई के कारण वहां बनी कई पुरानी और नई कब्रें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और जमीन में धंस गई हैं. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि मिट्टी के लगातार कटाव के कारण कुछ कब्रें हवा में लटक रही हैं, जबकि कई कब्रों के भीतर से पूर्वजों के शवों के अवशेष और कंकाल बाहर दिखाई देने लगे हैं. कब्रों की ऐसी दुर्दशा देखकर स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है.
स्थानीय ग्रामीण रामू मोरी और कल्याणसिंह गौड़ ने बताया कि गांव के कब्रिस्तान क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है. माफिया दिन-रात यहां से मिट्टी चोरी कर रहे हैं, जिससे जमीन का बड़े पैमाने पर कटाव हो रहा है. जमीन कटने से उनके पूर्वजों की कब्रें जर्जर हो चुकी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस अवैध गतिविधि पर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में कब्रिस्तान का अस्तित्व ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा. माफिया पहले नदी के किनारों से मिट्टी चुराते थे, लेकिन अब प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली के कारण उनके हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे सीधे कब्रिस्तान तक पहुंच गए हैं और शवों पर भी जेसीबी चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं.
ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायत कुछ वर्ष पहले भी सनावद तहसीलदार और ग्राम पंचायत से की गई थी. उस समय राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई पर लकड़ी काटने की मशीन, कुल्हाड़ी और कटी हुई लकड़ी जब्त की थी. इसके बावजूद, क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर कोई स्थायी रोक नहीं लगाई जा सकी. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस पूरे संवेदनशील मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद आज तक माफिया के खिलाफ कोई ठोस या प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनके हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
पशुओं की डाइट में करें ये बदलाव… सेहतमंद के साथ बढ़ जाएगी दूध की मात्राइस पूरे मामले पर बासवा गांव के सरपंच बसंत पिंडारे ने बताया कि अवैध खनन को लेकर हाल ही में जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था, साथ ही अवैध खननकर्ताओं को ग्राम पंचायत की ओर से नोटिस भी जारी किए गए हैं. हालांकि, धरातल पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है. कब्रों की वर्तमान स्थिति को देखकर पूरे गांव में भारी रोष व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस अवैध उत्खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगाई, तो भविष्य में एक भी कब्र सुरक्षित नहीं बचेगी. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.