आज के समय में लोग सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. फोटो पर लाइक्स और कमेंट तो काफी आते हैं. सोशल मीडिया पर लोगों को कई दोस्त हैं लेकिन रियल लाइफ में इंसान अकेला है. सोशल मीडिया के इस समय में जब लोग से जुड़ना आसान है तो भी लाखों लोग खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार अकेलापन ना केवल इमोशनल समस्या बल्कि ये गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है. अकेलेपन की वजह से लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं.
WHO की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में 6 में से 1 इंसान अकेलेपन का सामना कर रहा है. अकेलेपन की वजह से दुनियाभर में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. WHO का कहना है कि अकेलापन ना केवल मानसिक हेल्थ बल्कि शारीरिक सेहत को भी प्रभावित करता है.
अकेलेपन से बढ़ सकती है ये समस्या
डिप्रेशन और एंग्याजटी- लंबे समय तक अकेलेपन की वजह से डिप्रेशन और एंग्याजटी की समस्या हो सकती है. अकेलेपन की वजह से इंसान अकेले में ओवरथिंक करने लगता है जिससे शरीर के हार्मोन पर असर पड़ता है. धीरे-धीरे अकेलेपन की वजह से डिप्रेशन और एंग्याजटी की समस्या हो सकती है.
नींद से जुड़ी समस्या
अकेलेपन में रहने की वजह से इंसान की नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है. नींद से जुड़ी समस्या होने पर डायबिटीज, हार्ट ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारी का रिस्क बढ़ जाता है.
अकेलेपन का किन लोगों पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर
WHO के मुताबिक अकेलापन किसी भी उम्र में हो सकता है. कुछ लोगों में अकेलेपन की समस्या अधिक देखने को मिलती है.
यंग और टीनऐज के लोगों में अकेलेपन की समस्या अधिक देखने को मिलती है.
बुजुर्ग लोगों में भी अकेलेपन का रिस्क अधिक बढ़ सकता है.
who के अनुसार कम इनकम वाले लोगों में भी अकेलेपन की समस्या हो सकती है.
अकेलेपन से बचाव के लिए क्या करें?
अकेलेपन से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर सकते हैं.
परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत करते रहें
स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश करें
सोशल एक्टिविटीज में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने की कोशिश करें
योग, मेडिटेशन और एक्सरसाइज पर फोकस करें.