जयपुर: रविवार 21 जून को हुए री-नीट एग्जाम के दौरान जयपुर की एक छात्रा एंड्रॉयड मोबाइल लेकर पहुंच गई। एग्जाम सेंटर में प्रवेश करने के दौरान उसने महिला सुरक्षाकर्मियों को बड़ा चकमा दे दिया और परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर लिया। एग्जाम हॉल में पहुंच कर अपने रोल नंबर की कुर्सी पर बैठ गई। जब एग्जाम शुरू हुआ तो लड़की ने मोबाइल पर गूगल की मदद से प्रश्नों के उत्तर ढूंढने लगी। करीब दो घंटे तक छात्रा मोबाइल पर प्रश्नों के उत्तर ढूंढती रही लेकिन आखिर में उसकी पोल खुल गई। वीक्षक ने उसे चीटिंग करते हुए पकड़ लिया और फिर पूरे कांड का खुलासा हो गया।
जानिए कैसे दिया छात्रा ने चकमा
नीट परीक्षा में चाक चौबंद सुरक्षा और जांच होने के बाद भी छात्रा कैसे एग्जाम में मोबाइल फोन ले जा पाई। इसे लेकर पुलिस के अनुसंधान में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो इस प्रकार हैं।
1. ब्रा में लोहे का हुक है – छात्रा जब परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंची तो वहां मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही थी। महिला सुरक्षाकर्मी ने छात्रा की जांच की तो मेटल डिटेक्टर में बीप की आवाज आई। इस बारे में सुरक्षाकर्मी ने सवाल पूछने शुरू किए तो लड़की बोली कि उसकी ब्रा में लोहे का हुक है, इसलिए आवाज आ रही होगी। ऐसे में महिला सुरक्षाकर्मी ने उसे आगे भेज दिया।
2. ब्रा में तार है – मेटल डिटेक्टर में बीप की आवाज आने पर महिला सुरक्षाकर्मी के अलावा अन्य सुरक्षाकर्मियों ने भी छात्रा से पूछताछ की। छात्रा ने उन्हें भी गुमराह कर दिया। वह बोली कि कई ब्रा ऐसी होती है जिनमें लोहे के तार होते हैं। उसकी ब्रा में भी लोहे के तार हैं जिसकी वजह से मेटल डिटेक्टर में बीप की आवाज आई।
3. सेनेटरी पेड लेकर पहुंची – जांच के दौरान छात्रा के पास सेनेटरी पेड भी मिला। इस बारे में पूछताछ करने पर उसने कहा कि उसे पीरियड से जुड़ी प्रॉब्लम है। कभी कभार अचानक ब्लीडिंग होने लगती है। ऐसे में सेनेटरी पेड साथ रखती है।
7 प्रश्नों की फोटो मिली मोबाइल में
यह पूरा मामला जयपुर के बिंदायका स्थित सरकारी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र का है। वीक्षक की शिकायत के बाद छात्रा को अलग कमरे में ले जाया गया और उसकी गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अंडरगारमेंट में छिपाया हुआ मोबाइल मिल गया। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण भी मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद केस दर्ज करके छात्रा को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। डीसीपी ने बताया कि छात्रा के मोबाइल में 7 प्रश्नों के फोटो मिले हैं।
FSL रिपोर्ट बताएगी कितने फोटो खींचे
पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि छात्रा के पास जो मोबाइल मिला। उसमें 7 प्रश्नों के फोटो मिले हैं। हो सकता है कि छात्रा ने कुछ फोटो डिलीट कर दिए हों या किसी और को फोटो शेयर किए हैं। इस मामले की गहन जांच के लिए जब्त मोबाइल को फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। एफएसएल की रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि लड़की ने कितने फोटो लिए और कितने प्रश्नों के उत्तर ढूंढे।
युवती की तीसरा था अटेम्प्ट
नकल का प्रयास करने वाली छात्रा का यह तीसरा अटेम्प्ट था। वह हर हाल में नीट क्लीयर करना चाहती थी। ऐसे में किसी और की मदद लेने के बजाय उसने गूगल और एआई से मदद लेने का प्लान बनाया। वह मोबाइल लेकर एग्जाम देने पहुंच गई। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने कहा कि परीक्षा केंद्र में जैमर लगा था। इंटरनेट का नेटवर्क प्रोपर नहीं मिल रहा था। इस वजह से गूगल और एआई के जरिए प्रश्नों के उत्तर ढूंढने में छात्रा कामयाब नहीं हो पाई।
डीसीपी ने कहा- फोटो खींचे लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ
डीसीपी ने कहा कि भले ही छात्रा ने एग्जाम सेंटर में मोबाइल से प्रश्न पत्र के फोटो खींचे लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ। कोई भी फोटो किसी को नहीं भेजा गया। प्रश्न पत्र की फोटो में सिर्फ एक एक प्रश्न के अलग अलग फोटो लिए गए थे ताकि एआई या गूगल पर उत्तर सर्च किए जा सके।