100000 के नीचे जाएगा सोना? 1.90 लाख चांदी-जानें क्या बोल रहे एक्सपर्ट

Gold-Silver Market Outlook: सोने और चांदी की चमक लगातार फीकी पड़ रही है। ईरान युद्ध खत्म होने और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से जून महीने में सोने और चांदी की कीमत में क्रमश: ₹16000 और ₹33000 की गिरावट आ चुकी है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का मनना है कि यह गिरावट यही थमने वाली नहीं है। सोने और चांदी में अगले तीन में और बड़ी गिरावट आ सकती है। सोना ₹100000 के नीचे और चांदी टूटकर ₹1.90 लाख तक आ सकती है। इसके पीछे एक्सपर्ट्स 4 बड़े कारण गिना रहे हैं। आईये समझते हैं कि देश के दो बड़े कमोडिटी एक्सपर्ट्स- अनुज गुप्ता और अजय केडिया का इस बड़ी गिरावट पर क्या कहना है और वो कौन से कारण हैं जिससे सोना-चांदी और सस्ते होने जा रहे हैं।

अनुज गुप्ता ने गिनाए सोने में गिरावट के 4 बड़े कारण
सेबी सर्टिफाइड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल को बताया कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मोर्चे पर ऐसे समीकरण बन रहे हैं जो सोने की कीमत को 1 लाख के नीचे ला सकते हैं:

1. फेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तैयारी: बोफा सिक्योरिटीज (BofA Securities) बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) की निवेश बैंकिंग और ब्रोकरेज शाखा ने अनुमान जताया कि फेडरल रिजर्व इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में तीन बार क्वार्टर में ब्याज दरें बढ़ाएगा, जिससे बेंचमार्क दर मौजूदा 3.5%–3.75% की रेंज से बढ़कर 4.25%–4.5% हो जाएगी। इससे सोने की कीमत पर दबाब बढ़ेगा और कीमतें और कम होंगी।

2. डॉलर इंडेक्स 1 साल के हाई पर: दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर इंडेक्स एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर मजबूत होने से आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव आता है। यह भी सोने की कीमत को नीचे धकेलने का काम करेगा।

3. Gold ETF में भारी बिकवाली: सोने पर वैश्विक निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, जिसके चलते गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) से करीब 2 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम सेलिंग (बिकवाली) देखी गई है।

4. ईरान युद्ध का अंत: ईरान और मिडिल-ईस्ट में तनाव खत्म होने से ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के रूप में सोने की डिमांड पूरी तरह खत्म हो गई है। लोग अब सोने से पैसा निकालकर अन्य एसेट्स में लगा रहे हैं। इससे सोने में और गिरावट आएगी

अनुज गुप्ता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल जो 4000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है। सितंबर तक और बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाए जाने से भी घरेलू बाजार में मांग पर तगड़ा असर पड़ा है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी सोने को नीचे ला रही है। ये सारे अहम फैक्टर सोने की कीमत को नीचे लेकर आएंगे।

चांदी में ‘पैनिक सेलिंग’ का डर
केडिया कमोडिटी कॉमट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक,अजय केडिया के अनुसार, आने वाले दिनों में चांदी की कीमत वैश्विक बाजार में टूटकर 53 डॉलर तक आ सकती है। इस स्थिति में भारतीय बाजार में चांदी की कीमत टूटकर 1.90 लाख तक आ सकती है। वहीं, अनुज गुप्ता का कहना है कि अगर चांदी में पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिकवाली) आती है तो और बड़ी गिरावट आ सकती है।

गिरावट के बीच इन कारणों से मिलेगा सपोर्ट
अजय केडिया का मानना है कि मौजूदा मंदी के दबाव के बावजूद सोने और चांदी के बाजार को नीचे से सपोर्ट देने वाले कुछ बड़े फैक्टर्स भी एक्टिव हैं:

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) अभी भी लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहाह ै।
बैंक ऑफ जापान का रुख: बैंक ऑफ जापान की नीतियों के कारण भी गोल्ड को इस समय अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।
कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था: डॉलर भले ही मजबूत दिख रहा हो, लेकिन लंबी अवधि में अमेरिकी इकोनॉमी बहुत मजबूत स्थिति में नहीं है, जो सोने को पूरी तरह क्रैश होने से बचाएगी।

रिकॉर्ड हाई से अबतक बड़ी गिरावट
सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। वैश्विक बाजार में सोना 28 जनवरी 2026 को 5,589.38 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि चांदी ने 117 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड बनाया था। भारत में MCX पर सोना 29 जनवरी 2026 को 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी। हालांकि, 24 जून 2026 को सोना करीब 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,23,000 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। यानी अपने रिकॉर्ड स्तर से सोना लगभग 50,000 रुपये और चांदी करीब 2 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।

निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह: क्या करें?
बाजार में चल रहे इस उतार-चढ़ाव के बीच एक्सपर्ट्स ने आम निवेशकों और खरीदारों को एकमुश्त पैसा लगाने से बचने की सलाह दी है। अजय केडिया का कहना है कि सोने और चांदी में निवेश करने का यह सबसे सही समय है, लेकिन आपको SIP यानी टुकड़ों में खरीदारी का रास्ता चुनना चाहिए। हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करने से सितंबर तक आपको बेहतरीन एवरेज प्राइस मिल जाएगा।