मामूली दुकानदार बना साइको किलर! छत्तीसगढ़ में एक-एक कर 8 लोगों को मार डाला….

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यहां एक दुकानदार ने चार महीने में 8 लोगों को जहर देकर मार डाला। 8 लोगों की जान लेने के लिए आरोपी दुकानदार ने बोरेक्स पाउडर यानी सुहागा का इस्तेमाल किया और 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। किसी को शक ना हो, इसके लिए आरोपी साइको किलर ने मृतकों के परिजनों की मदद की और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल रहा। अब पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी साइको किलर को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।

मामला छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजर के कसडौल थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले 46 साल के राम सहाय जयसवाल के सिर पर ऐसी सनक चढ़ी कि उसने 4 महीने के अंदर 8 लोगों को जहर देकर मार दिया। जब मृतकों में से एक के परिवार में पुलिस में मामला दर्ज करवाया और उसमें राम सहाय जयसवाल को संदिग्ध के तौर दिखाया, तभी मामले का खुलासा हो गया।

एक-एक कर कब्र से निकाले गए 7 शव
पुलिस में हुई शिकायत के बाद 14 मई को जयसवाल के आखिरी शिकार महेतारू साहू का शव कब्र से बाहर निकाला गया। इसके बाद लैब में जांच की गई। जांच में बड़ा खुलासा हुआ। इसके बाद एक-एक कर 6 और कब्रों से शवों को निकाला गया। इन सभी की मौत की वजह जानकर सबके होश उड़ गए। सब की मौत सुहागा की अधिकता के कारण हुई थी। इसके बाद आरोपी जयसवाल को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

हत्या के पीछे की क्या थी वजह
गांव में लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण डरे हुए थे। लोगों को लग रहा था कि जो कुछ हो रहा है, वो सब प्राकृतिक रूप से हो रहा है, लेकिन पुलिस ने जब खुलासा किया तो सब दंग रह गए। आरोपी राम सहाय जयसवाल के कबूलनाम के बाद पुलिस ने बताया कि उसने बदले की भावना, मानसिक कुंठा और छोटी-मोटी बातों को लेकर हुए विवाद का बदला उनकी जान लेकर लिया।

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इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी राम सहाय जयसवाल ने गांव के ही एक युवक से बोरेक्स पाउडर लिया था। साइक किलर राम सहाय ने बहाना बताया था कि वो ये बोरेक्स पाउडर चूहों को मारने के लिए ले जा रहा है, लेकिन उसने चार महीनों में एक-एक कर अपने से विवाद करने वालों को खत्म कर दिया।

कैसे हुआ खुलासा
आरोपी राम सहाय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी शवों को कब्रों से बाहर निकाला। इस दौरान एक स्पेशल मेडिको लीगल टीम बनाई गई और शवों पोस्टमार्ट के बाद विसरों का लैब टेस्ट करवाया गया। इस दौरान पुलिस की एक टीम ने गांव में जमीनी हकीकत को जानने के लिए पूछताछ शुरू कर दी और इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझने के बाद इसपर नजर बनाए रखी। इस दौरान तकनीकि और फोरेंसिक टीम ने भी मामले के खुलासे में बड़ी भूमिका निभाई।

पहले कुत्ते पर किया टेस्ट, फिर एक-एक कार 8 को सुला दिया मौत की नींद
इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी रामसहाय ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि बोरेक्स पाउडर खरीदने के बाद उसने पहले कुत्ते पर टेस्ट किया था। कुत्ते की मौत के बाद उसने एक-एक कर अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाना शुरू किया। रामसहाय ने इसी साल 6 फरवरी को अपना पहला शिकार किया। गांव के ही रहने वाले बद्री को बोरेक्स मिली हुई शराब पिलाई, जिससे उसकी मौत हो गई। जयसवाल ने बताया कि बद्री के साथ उसका अक्सर झगड़ा होता रहता था।

6 फरवरी को बद्री की हत्या के बाद राम सहाय का उत्साह सातवें आसमान पर था। उसने अगले महीने 12 मार्च को अपना दूसरा शिकार किया। जयसवाल ने शराब में बोरेक्स पाउडर मिलाया और अपनी पत्नी को गलत नजर से देखने के शक में गांव के ही रहने वाले छट्टू राम को शराब पुला दी। 20 मार्च को जमीनसे जुड़े विवाद में हैवान ने बुधराम को भी निशाना बनाया और दोनों को मौत के घाट उतार दिया।