मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में नगर पालिका के बाहर चल रहे उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के धरना-प्रदर्शन ने अब उग्र रूप ले लिया है। गुरुवार सुबह संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 25 जून से पांच कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे और 28 जून से नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।
धरने की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नीरज बिड़ला ने की, जबकि संचालन नगर महामंत्री मिलन बिड़ला ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष दीपक गंभीर ने कहा कि महंगाई के दौर में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को मात्र 11 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है, जिससे परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक कर पाना मुश्किल हो गया है।
धरने में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता सोनू सरवट ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि आंदोलन और तेज हुआ तो किसान यूनियन भी सफाई कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
नगर महामंत्री मिलन बिड़ला ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के वाहनों और चालकों को निजी कंपनी के हवाले करने की तैयारी की जा रही है, जिसका संगठन पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पालिका सीधे चालकों के खातों में वेतन भेजती रही है, इसलिए यह व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।
संगठन ने आरोप लगाया कि करीब 372 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का 18 महीने का पीएफ काट लिया गया, लेकिन उनके खातों में जमा नहीं किया गया। इसके अलावा वाहन चालकों का लगभग एक वर्ष का पीएफ भी लंबित है। कर्मचारियों ने हर माह समय से वेतन, साप्ताहिक अवकाश और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग भी उठाई।
संगठन ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो 28 जून से नगर पालिका में पूर्ण काम बंद हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
धरने में दीपक गंभीर, सोनू सरवट, राजकुमार बैनीवाल, रवि दत्त, संजय नवजोत, पाल सिंह, राहुल, शीलू, शेर सिंह, शहजाद, लक्की, अरविंद, रविंद्र, अजीत, अमरदीप, गौतम, अनुज, शुभम, कमल, मिक्का, अरुण, शमशाद, श्रीपाल, सतपाल, विशाल, गोपाल समेत सैकड़ों सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।