सोनीपत। प्रदेश सरकार ने भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए ”पेपरलेस रजिस्ट्री-2.0” (दूसरा चरण) लागू कर दिया है। राजस्व विभाग की आईटी सेल द्वारा तैयार किया गया यह नया पोर्टल जमीन की खरीद-फरोख्त में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
ऑटो म्यूटेशन प्रणाली से जुड़ी रजिस्ट्री
हालांकि, नया सिस्टम लागू होने के साथ ही जमीनी स्तर पर तकनीकी समन्वय के लिए अभी विस्तृत एसओपी (स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) जारी होना बाकी है, जिसके लिए मास्टर ट्रेनर्स जल्द ही तहसील स्तर पर रजिस्ट्रियां करने का प्रशिक्षण देंगे।
नए नियमों के तहत अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (डीटीपी) विभाग की एनओसी (नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बिना कोई भी रजिस्ट्री संभव नहीं होगी। इसके लिए जिला नगर योजनाकार विभाग को दो दिन के भीतर अपना पूरा डेटा वेब हैलरिस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विभागीय सत्यापन ऑनलाइन ही हो जाएगा। इसके अलावा, पहले अलग-अलग स्तर पर होने वाले आरसी-1 और आरसी-2 के कार्यों को अब एकीकृत (कंबाइन) कर दिया गया है, जिससे कागजी औपचारिकताएं और अनावश्यक देरी खत्म होगी।
आधार ई-केवाइसी से रुकेगी धोखाधड़ी, हर पक्ष की होगी फोटो पहचान
रजिस्ट्री प्रक्रिया में होने वाले फर्जीवाड़े और भू-माफियाओं के खेल को खत्म करने के लिए सरकार ने अब प्रथम और द्वितीय दोनों पक्षों का आधार ई-केवाइसी अनिवार्य कर दिया है। रजिस्ट्री में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति की फोटो के माध्यम से डिजिटल पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
नए सिस्टम में कंपनियों और एलएलआइ को अधिकृत व्यक्ति नियुक्त करने, अतिरिक्त ई-स्टाम्प जोड़ने और धारा 7ए से संबंधित जानकारी को सीधे पोर्टल पर देखने की सुविधा मिलेगी। पूरा दस्तावेज क्यूआर कोड आधारित सत्यापन से लैस होगा।
किस ब्लाक में कितनी हुई रजिस्ट्रियां
ब्लाक ——- 23 जून —- 24 जून
गन्नौर —— 28 ———
गोहाना —– 25 ———-
खानपुर —– 01 ———-
खरखौदा —- 09 ———-
राई ——— 33 ———–
सोनीपत —- 54 ———–
कुल ——– 150 ———