पटनाः बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई. पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे. उस समय नीतीश कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे. आरसीपी सिंह भी वहां मौजूद रहे, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नीतीश कुमार ने उनकी ओर न तो देखा और न ही उनसे बातचीत की. बताया जा रहा है कि नीतीश अन्य कार्यकर्ताओं से मिलते रहे, जबकि आरसीपी सिंह बिना मुलाकात किए लौट गए.
बिहार की राजनीति में रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) लंबे समय तक नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार रहे. 1984 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी रहे आरसीपी सिंह ने लंबी प्रशासनिक सेवा के बाद जेडीयू जॉइन की और तेजी से पार्टी में ऊंचे पदों तक पहुंचे. संगठन, चुनावी रणनीति और बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही. नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा और बाद में जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया. उन्हें नीतीश का ‘राइट हैंड’ माना जाता था.
कब आई थी रिश्तों में दरार
2021 में वे केंद्र सरकार में इस्पात मंत्री बने, लेकिन इसके बाद जेडीयू से उनके रिश्तों में दरार आ गई. 2022 में जब जेडीयू ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा तो मतभेद खुलकर सामने आ गए. संपत्ति को लेकर सवाल उठे और आरसीपी सिंह ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘आप सबकी आवाज (ASA)’ बनाई और बिहार में अलग पहचान बनाने की कोशिश की.
अब लगाई जा रहीं सियासी अटकलें
हालांकि नई पार्टी को खास सफलता नहीं मिली. लोकसभा और अन्य चुनावों में उनका प्रभाव सीमित रहा, लेकिन वे बिहार की राजनीति में सक्रिय बने रहे और नीतीश सरकार व जेडीयू की नीतियों पर सवाल उठाते रहे. अब लंबे समय बाद आरसीपी सिंह का नीतीश कुमार से 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.