LeT Ghazi Mumtaz dies under mysterious circumstances: पाकिस्तान में भारत के गुनहगारों का एक-एक करके हिसाब हो रहा है. प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबरें सामने आई हैं. अलग-अलग घटनाओं में इन तीनों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. इसके बावजूद पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन बड़े ऑपरेटिव्स की रहस्यमयी मौत की खबरों ने हलचल मचा दी है.
भारत के गुनहगारों का सफाया
पहला नाम है गाजी मुमताज़ का, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ और अनुभवी आतंकी बताया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपर दीर का रहने वाला गाजी मुमताज संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया. बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम नुसरत कोटो प्राइमरी स्कूल में उसका जनाज़ा पढ़ाया जाएगा. गाजी मुमताज का मारा जाना कश्मीर में आतंकवाद और आतंक फैलाने वाले आतंकवादियों दोनों के लिए एक बड़ा झटका है.
हाफिज सईद का करीबी था गाजी
रिपोर्ट्स के मुताबिक मुमताज ने भारत में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी के तौर पर काम किया था. इसलिए लश्कर-ए-तैयबा ने उसे ‘गाजी’ का खिताब दिया था. इसके बाद वह गाजी मुमताज के नाम से जाना जाने लगा. गाजी मुमताज पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित अपर दीर के बाराहवाल का रहने वाला था. उसे लश्कर सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था.
मोहम्मद खुजैमा कासिम
दूसरा मामला मोहम्मद खुजैमा कासिम का है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बहावलपुर में कथित हिट-एंड-रन घटना में उसकी मौत हुई. कासिम को लश्कर के वरिष्ठ नेता मोहम्मद याक़ूब का भाई बताया जाता है. उसका अंतिम संस्कार कल रात किया गया, जिसमें लश्कर से जुड़े कई वरिष्ठ चेहरों के शामिल होने की खबर आई.
खालिद बशीर
तीसरा नाम खालिद बशीर का है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा का यह वरिष्ठ ऑपरेटिव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया. आपको बताते चलें कि बीते कुछ सालों में लश्कर-ए-तैयबा के कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं. हालांकि उनमें से कई की आपसी झगड़ों और अज्ञात बंदूकधारियों के हमलों में मौत हुई. कई अन्य आतंकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए हैं.