फैक्ट्री गुजरात में, वोट बिहार से? प्रशांत किशोर का अमित शाह पर बड़ा वार

पटना: Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासत तेज हो गई है और इसी बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने सारण के अमनौर विधानसभा से माहौल में गरमी भर दी। बिहार बदलाव यात्रा के तहत कटसा के बावन बीघा मैदान में आयोजित बिहार बदलाव जनसभा में PK ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।

सभा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “यह बिहार की ताकत है कि मोदी जी, अमित शाह या राहुल गांधी सबको यहां जमीन पर आना पड़ रहा है। लेकिन सवाल अभी भी वही है कि बिहार से पलायन कब रुकेगा और बिहार में फैक्ट्री कब लगेगी? गुजरात में फैक्ट्री लगाकर बिहार से वोट नहीं लिया जा सकता।”

मढ़ौरा की चीनी मिल से उठाया सवाल
प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में स्थानीय मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा की चीनी मिल आज भी बंद पड़ी है और इसके कारण हजारों लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक जनता वोट बदलने की हिम्मत नहीं करेगी, तब तक चीनी मिल नहीं चलेगी और युवाओं का पलायन भी नहीं रुकेगा।

संजय जायसवाल पर पलटवार
हाल ही में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने PK पर कई सवाल उठाए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए PK ने तीखे शब्दों में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संजय जायसवाल जितना फड़फड़ाना चाहते हैं, फड़फड़ा लें। कल पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौथा किस्त जारी करेंगे, उसके बाद ये सब लोग धराशायी होकर गिर जाएंगे। PK के इस बयान से साफ़ हो गया है कि आने वाले दिनों में वे भाजपा नेताओं पर लगातार हमले करने वाले हैं।

जनता से बड़े वादे
प्रशांत किशोर ने अमनौर की जनसभा में सारण की जनता को कई चौंकाने वाले वादे किए। उन्होंने ऐलान किया कि जन सुराज की सरकार बनी तो दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को ₹2000 मासिक पेंशन दी जाएगी। जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाता, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा मिलेगी और उसकी फीस सरकार चुकाएगी। बिहार के 50 लाख युवाओं को यहीं 10-12 हजार रुपये की मजदूरी वाला रोजगार दिया जाएगा, ताकि उन्हें दिल्ली, पंजाब या गुजरात पलायन न करना पड़े। PK ने कहा कि यह बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। इसके बाद बिहार का युवा घर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होगा। रोजगार यहीं मिलेगा और परिवार यहीं बसेगा।

चुनावी वादों से सियासत में हलचल
PK के इन वादों और तीखे बयानों से बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। भाजपा पहले ही उनके हमलों से असहज नज़र आ रही है, और अब उनकी पेंशन-शिक्षा-रोजगार वाली घोषणाएं महागठबंधन के लिए भी सिरदर्द बन सकती हैं।