वॉशिंगटन. ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि यह हमला ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है।
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देशों के नेताओं ने हालिया हमलों को लेकर जिस तरह बयान दिए हैं और उन पर गर्व जताया है, वह अपने आप में अपराध स्वीकार करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हर हमले, हर मौत और हर नुकसान के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
अमेरिका का ईरान पर हमला: अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमले किए। इस दौरान किश्म द्वीप, सिरिक और बंदर-ए-लेंगेह को निशाना बनाया गया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
ईरान बोला- 30 दिन तक होर्मुज हमारे कंट्रोल में: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगले 30 दिनों तक होर्मुज पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका ने आगे हमला किया तो हालात और ज्यादा गंभीर हो जाएंगे।
ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो उसका अस्तित्व नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने शुरू किए गए सैन्य अभियान को पूरी तरह अंजाम तक पहुंचाएगा।
ईरान बोला अमेरिका को नुकसान उठान पड़ेगा: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।