राबड़ी देवी को आज खाली करना होगा सरकारी आवास, खत्म हुई डेडलाइन, क्या करेगा लालू परिवार?

पटना; बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में विरोधी दल की नेता राबड़ी देवी को पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग ने अंतिम नोटिस जारी किया था, जिसकी डेडलाइन सोमवार (29 जून) यानी आज समाप्त हो रही है.

10 सर्कुलर आवाज से खाली करने की डेट लाइन के पहले रविवार (28 जून) को दिन भर राबड़ी आवास से सामान शिफ्टिंग का सिलसिला जारी रहा. पटना के कौटिल्य नगर स्थित लालू-राबड़ी के निजी आवास में अभी काम पूरा नहीं हुआ है. इसके बावजूद ज्यादातर सामान वहीं शिफ्ट किया गया है.

आवंटित आवास में शिफ्ट नहीं किया सामान
राबड़ी देवी को आवंटित आवास 39 हार्डिंग रोड में सामान शिफ्ट नहीं किया गया है. इस बात की भी चर्चा है कि अगर आज आवास खाली होता है तो उस स्थिति में लालू-राबड़ी समेत परिवार के अन्य सदस्य तेजस्वी यादव के 1 पोलो रोड सरकारी आवास में शिफ्ट हो सकते हैं. विभाग ने नोटिस की प्राप्ति के सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया था. तय समयसीमा में आवास खाली नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी.

भवन निर्माण विभाग की ओर से 22 जून को जारी नोटिस में कहा गया था कि विभागीय कार्यालय 25 नवंबर 2025 को नेता प्रतिपक्ष बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केंद्रीय पूल का आवास संख्या-39, हार्डिंग रोड, पटना राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था. इसके बावजूद वह पूर्व से आवंटित आवास संख्या-10, सर्कुलर रोड में अब तक रह रही हैं.

मंत्री नंदकिशोर राम को आवांटित किया जा चुका है आवास
विभाग ने नोटिस में यह भी उल्लेख किया था कि 10, सर्कुलर रोड स्थित उक्त आवास को 27 मई 2026 के कार्यालय आदेश के जरिए मंत्री नंदकिशोर राम, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को आवंटित किया जा चुका है, लेकिन राबड़ी देवी द्वारा आवास खाली नहीं किए जाने के कारण मंत्री अब तक उसमें प्रवेश नहीं कर सके हैं.

नोटिस के अनुसार राबड़ी देवी को इस आवास को खाली करने के लिए इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को विभागीय पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया था. इसके बाद 17 अप्रैल 2026 और 29 मई 2026 को उनके आप्त सचिव को भी इस संबंध में अवगत कराया गया था. 3 जून 2026 को सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का एक नोटिस भी निर्गत किया गया था. इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया.