मुजफ्फरनगर। सदर विधानसभा क्षेत्र के गांव बिलासपुर में आयोजित किसान पंचायत में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रस्तावित लैंड पूलिंग योजना के खिलाफ किसानों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। पंचायत में सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर घोषणा की कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि नहीं देंगे और किसी भी प्रकार के समझौते या एग्रीमेंट से दूर रहेंगे। इस दौरान लोनी क्षेत्र के मंडेला गांव से पहुंचे किसान नेता महेंद्र सिंह त्यागी ने भी किसानों के संघर्ष को अपना समर्थन देते हुए सरकार पर निशाना साधा और आवास विकास विभाग को बंद करने की मांग उठाई।
‘लैंड पूलिंग के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने की साजिश’
किसान पंचायत के संयोजक एडवोकेट सुकेश कुमार ने कहा कि आवास विकास परिषद 1965-66 के कानून की आड़ में लैंड पूलिंग योजना लागू कर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मात्र 150 से 200 एकड़ भूमि का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर लगभग 284 हेक्टेयर कर दिया गया, जिससे हजारों किसान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में असफल हो चुकी इस योजना को अब मुजफ्फरनगर के किसानों पर थोपा जा रहा है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे और किसी भी हाल में अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
इन गांवों की जमीन भी योजना के दायरे में
सुकेश कुमार ने बताया कि बिलासपुर, शेरनगर, धंधेड़ा, सरवट, अलमासपुर और कुकड़ा सहित कई गांवों की कृषि भूमि इस योजना के दायरे में आ रही है। पंचायत में सभी किसानों ने एकजुट होकर फैसला लिया कि कोई भी किसान किसी बिचौलिए से संपर्क नहीं करेगा, किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करेगा और न ही किसी प्रकार की गोपनीय बैठक में शामिल होगा।
3500 नोटिस, लेकिन एक साल बाद भी नहीं हुआ निस्तारण
पंचायत में जानकारी दी गई कि करीब 3500 किसानों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से लगभग 3000 किसानों ने नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में अपने जवाब क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करा दिए, लेकिन एक माह में निस्तारण होने के बजाय एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। किसानों ने इसे सरकार और विभाग की नीयत पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया।
मंत्री से लेकर कमिश्नर तक लगाई गुहार, नहीं मिली राहत
किसानों ने बताया कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री कपिल देव अग्रवाल से मिले। मंत्री ने उन्हें जिलाधिकारी के पास भेजा, वहां से मामला कमिश्नर तक पहुंचा, लेकिन किसानों का आरोप है कि उनकी पीड़ा किसी ने नहीं सुनी और आज तक कोई
समाधान नहीं निकला।
लोनी के संघर्ष का अनुभव साझा करने पहुंचे महेंद्र सिंह त्यागी
पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे लोनी क्षेत्र के मंडेला गांव के किसान नेता महेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि उनके क्षेत्र में भी छह गांवों की लगभग 10 से 12 हजार बीघा जमीन का मामला पिछले 25 वर्षों से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस संघर्ष के भुक्तभोगी हैं और किसानों की लड़ाई लगातार लड़ रहे हैं। त्यागी ने कहा कि सरकार को किसानों की जमीन पर व्यापार नहीं करना चाहिए, बल्कि किसानों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए।
‘आवास विकास विभाग बंद कर देना चाहिए’
महेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि यदि इसी तरह उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होता रहा तो एक दिन किसान अपनी जमीन से पूरी तरह वंचित हो जाएंगे और देश अनाज के लिए दूसरे देशों पर निर्भर होने को मजबूर होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि तीन फसली उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण तत्काल रोका जाए और आवास विकास विभाग को समाप्त करने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि बंजर भूमि का विकास किया जा सकता है, लेकिन उपजाऊ कृषि भूमि को खत्म करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।