छत्तीसगढ़ में व्यापारी की 40 बार चाकू गोदकर हत्या, पुलिस ने 48 घंटे में दो नाबालिग समेत 5 को पकड़ा

धमतरी; छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक मछली व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी. हमलावरों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि उसे 40 से ज्यादा बार चाकू से गोदा गया. हैरानी की बात यह रही कि इस हत्याकांड में कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसके अपने ही कर्मचारी शामिल निकले. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 48 घंटे में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं.

रास्ते में घात लगाकर किया हमला
दरअसल, यह घटना नगरी थाना क्षेत्र के ग्राम गोरेगांव-भैंसामुड़ा मार्ग की है. मछली व्यापारी विपलभ मंडल 27 जून की रात रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे. तभी पहले से घात लगाए आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने पहले उनके साथी की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिससे वह मौके से जान बचाकर भाग निकला.

बेरहमी की सारी हदें पार
हमलावरों ने विपलभ मंडल पर ताबड़तोड़ हमला किया. उनके सिर से लेकर शरीर के हर हिस्से पर 40 से अधिक बार चाकू से वार किया. घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि हमलावर उनके पास मौजूद 37 हजार 800 रुपये भी लूटकर फरार हो गए.

पश्चिम बंगाल से था मृतक का नाता
मृतक विपलभ मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे. वह पिछले 8-9 साल से गरियाबंद जिले के बोइरगांव में रहकर एमएम फिश कंपनी में मुंशी का काम कर रहे थे. स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक मेहनती व्यापारी के रूप में थी.

48 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. लगातार सुराग जुटाने के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं. आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल, बाइक और वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद किए गए हैं.

जांच में सामने आया कि मृतक के साथ मौजूद नाबालिग साथी ही इस हत्या का मास्टरमाइंड था. उसी ने पूरी साजिश रची और बाकी आरोपियों को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया. घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने चार दिन पहले ही पूरी योजना बना ली थी.

मजदूरी विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी मृतक के ही कर्मचारी थे. मजदूरी में कटौती और वेतन बढ़ाने को लेकर विवाद चल रहा था. इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया. वारदात के दौरान सभी आरोपी नकाब पहनकर पहुंचे थे, ताकि पहचान छिपाई जा सके.

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. गिरफ्तार आरोपियों में टंकेश्वर नेताम (19 वर्ष), सुरेंद्र यादव (26 वर्ष) और जगदीश विश्वकर्मा (50 वर्ष) शामिल हैं. वहीं दो नाबालिग आरोपियों को किशोर न्यायालय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है.