बिहार को नितिन गडकरी की बड़ी सौगात, करोड़ों की नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर मुहर

पटना। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेन्द्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों की विभिन्न परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई और प्रमुख प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी।

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी और पटना एलिवेटेड रोड को मिली मंजूरी
बैठक में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 82.58 किमी चार लेन सड़क निर्माण, NH-727A के तहत गंडक नदी पर मनुआपुल-सेवराही पुल एवं संपर्क मार्ग तथा पटना में सरिस्ताबाद से दीदारगंज तक 13.41 किमी लंबे छह लेन एलिवेटेड एवं एट-ग्रेड रोड निर्माण परियोजना पर सहमति बनी।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी राज्य की कनेक्टिविटी
पटना से पूर्णिया तक 244.96 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NE-9) तथा काँकी से लेरुआ तक वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड राजमार्ग को भी हरी झंडी मिली। इसके अलावा गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी सकारात्मक आश्वासन मिला।

लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर भी बढ़ेगा काम
बैठक में मुजफ्फरपुर-बरौनी (NH-122), NH-139 के चार लेन चौड़ीकरण, राम जानकी मार्ग, NH-333 पर बरियारपुर-जमुई सड़क, गंगटा जंगल में तीन लेन विस्तार, NH-333A, दरभंगा-सुपौल हाईवे तथा गंडक नदी पर नए एलिवेटेड पुल सहित लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

गंगा के उत्तरी तट पर नई सड़क का भी प्रस्ताव
समीक्षा बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु से जहानवी चौक, अगवानी घाट होते हुए पटना तक गंगा के उत्तरी तट पर सड़क निर्माण का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव भी रखा गया। यह परियोजना मुंगेर से सबौर तक गंगा किनारे बन रही सड़क की तर्ज पर प्रस्तावित है। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर भी सकारात्मक रुचि दिखाई।

बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि यह बैठक बिहार के सड़क विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।