देहरादून: हरियाणा के बहादुरगढ़ के परिवार के लिए हरिद्वार की यात्रा जीवन की दर्दनाक कहानी बनकर रह गई। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी छीन ली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने सबको एक सबक दी है।
कार के ड्राइवर की एक गलती पूरे परिवार के लिए जिंदगी भर न भूलने वाला दुख देकर गया। कार कट से आगे निकली तो ड्राइवर रिवर्स कर गाड़ी को पीछे लाने लगा। इस बीच पीछे से रफ्तार से आ रही कार से जबरदस्त टक्कर हो गई और 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
बहादुरगढ़ के 13 सदस्य दो कार में हरिद्वार की यात्रा के लिए निकले
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के बहादुरगढ़ के 13 सदस्य शुक्रवार को दो कार में हरिद्वार की यात्रा के लिए निकले थे। एक कार में छह लोग सवार थे, जबकि दूसरी में सात। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से दोनों कार सफर तय करने निकली। एक कार आगे निकल गई, जबकि दूसरी उससे करीब 7-8 किलोमीटर पीछे चल रही थी। हरिद्वार से करीब एक घंटे की दूरी पर हादसा हो गया।
पीछे वाली कार एक कट (एग्जिट) चूक गई और गलती से एक फ्लाईओवर पर चढ़ गई। कार के ड्राइवर ने सहारनपुर में हालगोया कट के पास फ्लाईओवर से नीचे उतरने के लिए गाड़ी को बैक (रिवर्स) करने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही रिवर्स करने लगा। इसी पीछे से आ रही एक एसयूवी (SUV) ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में परिवार के चार सदस्यों, आठ वर्षीय शिवांश, उसकी दादी सुदेश देवी (65), चाचा प्रवीण (42) और चाची प्रीति (33) की मौत हो गई। यह पूरी दुर्घटना इलाके में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई।
हादसा करीब दोपहर 3 बजे हुआ। हादसे में प्रवीण और उनके भाई जयदेव, गंभीर रूप से घायल हैं, वे ट्रांसपोर्ट का बिजनेस चलाते थे। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत स्थिर नहीं है। ठीक होने में लंबा समय लगेगा। ऐसे में परिवार कैसे चलेगा। इसका भी संकट खड़ा हो गया है। हादसे में जान गंवाने वाले प्रवीण और प्रीति अपने पीछे 10 और 13 साल के बच्चे छोड़ गए हैं, जो दुर्घटना के समय दूसरी कार में थे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने सबको एक सबक दी है। जो अक्सर हाईवे पर ड्राइवर या लोग करते हैं। एग्जिट या कट चूक जाने से फ्लाईओवर पर चढ़ जाने के बाद लोग गाड़ी को रिवर्स कर पीछे आने की कोशिश करते हैं, साथ ही हाईवे पर जब गाड़ियां रफ्तार में होती हैं तो ब्रेक मारना या पीछे आना जानलेवा साबित हो सकता है। जो कि हादसे से लोगों को सबक लेना चाहिए।