सुपौल। इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र के वीरपुर एवं आसपास के इलाकों में समय-समय पर ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा बनी रहती है। आरोप है कि कुछ मिशनरी महिलाएं प्रलोभन देकर ग्रामीणों को प्रभावित कर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती हैं। ताजा मामला सोमवार दोपहर का है। बनैलीपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-03 स्थित गीदड़मारी के राम टोला में नेपाल के सप्तरी जिले से आई तीन महिला एवं एक पुरुष सहित कुल चार लोग ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।
सूचना मिलने पर हिंदू धर्म रक्षा समिति के महासचिव अभय सिंह सहित समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। समिति के लोगों का आरोप है कि उक्त क्षेत्र में पूर्व में भी मतांतरण से संबंधित गतिविधियां होती रही हैं। इसके बाद स्थानीय वीरपुर थाना को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस द्वारा सभी से पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के कंचनपुर एवं हरिपुर क्षेत्र के निवासी के रूप में बताई जा रही है।
चमत्कार का दावा
मौके पर मौजूद भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अभय कुमार जैन एवं समाजसेवी अजय सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गांवों में आकर लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि कथित रूप से ये लोग जल वितरित कर यह दावा करते हैं कि इसे पीने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और बीमारियां समाप्त हो जाती हैं।
आरोप है कि ऐसे लोग गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा इस मामले में आवेदन देने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष संजय दास ने बताया कि सूचना के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।