लखनऊ। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक सचिव की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय बैठक में अगले तीन वर्षों में 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के पद सृजित करने पर सहमति बन गई है। पहले चरण में 4,372 पद सृजित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के एकीकृत संवर्ग के प्रस्ताव को फिलहाल खारिज कर दिया गया है।
प्रदेश में लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों में से ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों को मिलाकर लगभग 16 हजार कार्मिक तैनात हैं। लगभग 42 हजार ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव नहीं हैं, जिनका अन्य ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देते हुए उनसे काम लिया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों में सचिवों की भारी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक में यह तय किया गया कि अगले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष एक-तिहाई यानी 4,372-4,372 पद सृजित करते हुए कुल 13,116 ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के नए पद बनाए जाएंगे। पंचायत राज विभाग इस प्रक्रिया की शुरुआत पहले चरण में 4,372 पदों के सृजन से करेगा।
पद स्वीकृत होने के बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सचिव की व्यवस्था होने से विकास योजनाओं का संचालन तेज होने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण और अधिक जवाबदेह तरीके से हो सकेगा। बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों का एकीकृत संवर्ग बनाने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते फिलहाल दोनों संवर्गों का विलय नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम विकास अधिकारी के अतिरिक्त पदों के सृजन और विभागीय आवश्यकताओं के अनुसार आगे की कार्रवाई ग्राम्य विकास विभाग अपने स्तर से कर सकता है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायतों में एक सचिव की व्यवस्था लागू करने के संबंध में पंचायत राज एवं ग्राम्य विकास विभागों के बीच पदों के संभावित विभाजन के मुद्दे पर अलग से प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि सभी ग्राम पंचायतों में सचिव की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जा सके।
वहीं, पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने बताया कि पद स्वीकृति के लिए वित्त विभाग के पास प्रस्ताव भेजा जा रहा है। पद स्वीकृत होने के बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।