मुजफ्फरनगर: मृत्युदंड के सजायाफ्ता कैदी भेजे जाएंगे बरेली सेंट्रल जेल

मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में निरुद्ध मृत्युदंड के सजायाफ्ता कैदियों को बरेली सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। जिला कारागार इसकी तैयारियों में लगा है। मृत्युदंड वाले कैदियों को सेंट्रल जेल में रखने का नियम है। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि शासन स्तर से अनुमति के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई आरंभ होगी।

जनपद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 29 नवंबर 2025 को पदभार संभाला था। उसके बाद वह हत्या जैसे जघन्य अपराधों की फाइलों पर तेजी से सुनवाई कर रहे हैं। वह पिछले तीन माह में हत्या के 11 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुना चुके हैं।

इनमें एक महिला भी शामिल है। यह सभी मृत्युदंड के सजायाफ्ता कैदी जिला कारागार में निरुद्ध हैं। इन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। महिला कैदी को महिला बैरक में रखा गया है। मृत्युदंड वाले कैदियों को अब बरेली सेंट्रल जेल भेजने की तैयारी की गई है। इसके लिए शासन से अनुमति का इंतजार है। जिला कारागार प्रशासन कैदियों की दिनचर्या से लेकर उनके स्वभाव पर नजर रख रहा है।

ये हैं मृत्यु दंड के कैदी

जिला कारागार में अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या के दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज, भौराकलां के सिसौली निवासी शेखर हत्याकांड में महिला मुकेश व उसके तीन पुत्र प्रदीप, संदीप और सोनू, चरथावल क्षेत्र में राजेश देवी और उनके छह वर्षीय बेटे हिमांशु की हत्या करने का दोषी रईस उर्फ रहीस, ककरौली निवासी राजेंद्र सैनी के हत्यारे रामकरण उर्फ सावन गिरि और गजेंद्र उर्फ गीलू तथा होमगार्ड रतिराम की हत्या के दोषी दीपक को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। ये सभी जिला कारागार में बंद हैं।