उत्तर प्रदेश के इस मंदिर में मुस्लिम संभालते हैं चंदे का पूरा ब्योरा, आज तक नहीं हुई चोरी

Ayodhya Ram Mandir Controversy: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश का एक और मंदिर भरोसे और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल के तौर पर चर्चा में आ रहा है. गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में एक मुस्लिम व्यक्ति दशकों से मंदिर के वित्तीय और निर्माण कार्यों के प्रबंधन से जुड़े हुए हैं. उनके लंबे कार्यकाल के दौरान उनकी देखरेख में रखे गए खातों और बजट में वित्तीय गड़बड़ी का कोई भी मामला सामने नहीं आया.

दशकों से चल रही मंदिर की सेवा
यासीन अंसारी गोरखनाथ मंदिर से जुड़े सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक हैं. उन्होंने 1977 से 1983 के बीच मंदिर के आधिकारिक कैशियर के तौर पर काम किया. वक्त के साथ उनकी जिम्मेदारी बढ़ती गई और अब वह मंदिर परिसर के निर्माण पर्यवेक्षक के तौर पर काम करते हैं. इस भूमिका में वह निर्माण से जुड़े खातों की देखरेख करते हैं, खर्च का रिकॉर्ड रखते हैं, निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर नजर रखते हैं और साथ ही प्रोजेक्ट के बजट का प्रबंधन भी करते हैं.

योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर करते हैं काम
यासीन अंसारी को गोरखपुर के मुख्य पुजारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसा भी हासिल है. जब भी योगी गोरखपुर आते हैं तो वह यासीन अंसारी के साथ विकास परियोजनाओं और निर्माण के कामों की प्रगति की समीक्षा करते हैं. बातचीत में बजट, खर्च, और मंदिर परिसर में चल रहे बुनियादी ढांचे के काम शामिल होते हैं.

उनकी देखरेख में नहीं हुई कोई भी गड़बड़
दरअसल उनकी लगभग पांच दशक की सेवा के दौरान उनके द्वारा प्रबंधित निर्माण बजट, चेतन रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों में वित्तीय हेरा फेरी या फिर हिसाब किताब में गड़बड़ी का कोई भी मामला सामने नहीं आया.

मंदिर में कुछ और मुस्लिम परिवारों ने भी काम किया
गोरखनाथ मठ से जुड़े अकेले मुस्लिम यासीन अंसारी ही नहीं हैं. कई मुस्लिम परिवारों ने पीढ़ियों से अलग-अलग भूमिकाओं में मंदिर की सेवा की है. मान मोहम्मद मंदिर के बड़ी गौशाला को संभालते हैं. उनसे पहले उनके पिता इस जिम्मेदारी को संभालते थे. ठीक इसी तरह निसार अहमद ने मंदिर की जरूरी इमारतों और उससे जुड़े अस्पताल के निर्माण में एक इंजीनियर के तौर पर योगदान दिया.