Naagin Ka Intkaam: बॉलीवुड फिल्मों में आपने अक्सर ‘नाग-नागिन’ के इंतकाम की कहानियां देखी और सुनी होंगी. लेकिन क्या असल जिंदगी में भी सांप अपने मरे हुए बच्चे का बदला लेते हैं? उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों के जेहन में फिल्मों वाली उस दहशत को हकीकत में तब्दील कर दिया है. यहां एक 9 साल के बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई. इलाके में चर्चा है कि नागिन ने अपने बच्चे की मौत का बदला लिया है.
यह दिल दहला देने वाली घटना बागपत जिले की कांशीराम कॉलोनी की है. कॉलोनी निवासी शबनम का 9 वर्षीय बेटा अयान कक्षा पांच का छात्र था. परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम अयान कॉलोनी के मैदान में खेल रहा था. इसी दौरान वहां एक सांप का बच्चा (सपोला) निकल आया, जिसे अयान ने मार दिया था.
रात में पूरा किया इंतकाम
शुक्रवार रात अयान अपने घर में सो रहा था. तभी देर रात अचानक उसे एक सांप ने डस लिया. अयान की चीख सुनकर जब परिवार वालों की नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि एक सांप तेजी से नाली के रास्ते बाहर की तरफ भाग रहा है. आनन-फानन में बदहवास परिजन अयान को लेकर अस्पताल दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम अयान को मृत घोषित कर दिया.
इत्तेफाक या इंतकाम?
शनिवार को नम आंखों और गमगीन माहौल के बीच परिजनों ने अयान के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया. इस घटना के बाद से पूरी कॉलोनी में मातम और दहशत का माहौल है. लोग इसे सीधे तौर पर ‘नागिन का बदला’ मान रहे हैं.
विज्ञान और हकीकत
फिल्मों में भले ही सांपों के बदले की कहानियां आम हों, लेकिन जीव विज्ञान के अनुसार सांपों में ‘बदला’ लेने जैसी कोई याददाश्त या भावना नहीं होती. अयान की मौत एक बेहद दुखद घटना है, जो संभवतः एक भयानक इत्तेफाक हो सकता है. बारिश के मौसम में जिस जगह सांप के बच्चे निकलते हैं, वहां अक्सर बड़े सांपों का भी डेरा होता है.
झाड़ू में छिपकर बैठा था काल, महिला को डसा
वहीं, सांप के डसने का एक दूसरा मामला यूपी के ही संभल जिले से सामने आया है. थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव गुमथल में शुक्रवार सुबह एक महिला बाल-बाल बच गई. गांव की रहने वाली सोनी (पत्नी हरिओम) सुबह करीब पांच बजे सोकर उठी थी. वह घर में साफ-सफाई करने के लिए जैसे ही कोने में रखी झाड़ू उठाने गई, झाड़ू के अंदर घात लगाए बैठे एक सांप ने उसे डस लिया.
महिला की चीख सुनकर परिजन तुरंत वहां पहुंचे और बिना कोई देरी किए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चन्दौसी लेकर गए. गनीमत यह रही कि महिला को समय रहते सही इलाज मिल गया. डॉक्टरों द्वारा किए गए उपचार के बाद महिला की हालत सामान्य हो गई, जिसके बाद उसे सुरक्षित घर भेज दिया गया.