जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने रविवार (05 जुलाई, 2026) को बिलौटी पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की. मामले को समझा और न्याय का भरोसा दिया. न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही. साथ ही यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा.
बिलौटी पहुंचते ही मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. मंत्री ने कहा कि वह पहले भी आना चाहते थे, लेकिन ब्राह्मण समाज में असमय मृत्यु के बाद होने वाले धार्मिक कर्मकांड को देखते हुए उन्होंने 13वीं के बाद आने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि किसी भी पिता के लिए जवान बेटे की मौत सबसे बड़ा दुख होता है और ऐसे समय में राजनीति नहीं बल्कि संवेदना जरूरी होती है.
‘परिवार की कई ऐसी बातें…’
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि परिवार की कई ऐसी बातें सामने आई हैं जिनकी जानकारी उन्हें पहले नहीं थी. उन्होंने कहा कि अब वे पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखेंगे. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की बातें परिवार और ग्रामीणों ने बताई हैं, उनकी जांच होना आवश्यक है. सरकार न्यायिक जांच करा रही है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
दूसरी ओर अशोक चौधरी ने भरत तिवारी की पिस्टल को लेकर भी बड़ा बयान दिया. कहा, “असली थी या डमी, जांच होनी चाहिए.”
‘डीएसपी का प्रमोशन नहीं, केवल तबादला’
भरत तिवारी मामले में शाहपुर के पूर्व एसडीपीओ की नई पोस्टिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि मीडिया में गलत तरीके से यह प्रचारित किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी का प्रमोशन कर दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी का प्रमोशन नहीं हुआ है बल्कि केवल स्थानांतरण किया गया है ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें.
गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई होती है. उन्होंने कहा कि किसी पर आरोप लगते ही तत्काल सजा नहीं दी जा सकती. उन्होंने मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे भी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही फांसी दी गई थी.