Humanoid Robot: जरा सोचिए, एक ऐसी फैक्टरी जहां न कोई लंच ब्रेक हो, न चाय का ब्रेक हो और न ही कोई छुट्टी… बस 64 घंटे तक लगातार नॉन-स्टॉप काम! चीन ने दुनिया के सामने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं. चीन की रोबोटिक्स कंपनी एजीबॉट ने इंटरनेट पर लाइव कैमरे के सामने अपने इंसानी रोबोट्स को एक फैक्ट्री में काम पर लगाया. इन रोबोट्स ने इंसानों से भी तेज रफ्तार और 99.99% की सटीकता के साथ हजारों टैबलेट बनाकर तैयार कर दिए.
चीनी मीडिया के मुताबिक, यह पूरी लाइवस्ट्रीम 6 दिनों तक चली. इस दौरान लॉन्गचीयर टेक्नोलॉजी की नानचांग स्थित फैक्टरी में 8 ह्यूमनॉइड रोबोट्स को काम पर लगाया गया था. इन रोबोट्स ने बिना रुके लगातार 64 घंटे से ज्यादा समय तक काम किया और कुल 17,625 टैबलेट्स का प्रोडक्शन और इंस्पेक्शन यानी जांच की प्रक्रिया को पूरा किया.
लैब नहीं, असली फैक्टरी में हुआ कमाल
ज्यादातर रोबोट्स के टेस्ट बंद कमरों या लैबोरेट्री में किए जाते हैं, लेकिन एजीबॉट ने अपने इन रोबोट्स को सीधे मास-प्रोडक्शन लाइन यानी बड़े पैमाने पर सामान बनता है, वहां किया. इस दौरान इन रोबोट्स ने इंसानी कर्मचारियों और बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया.
एजीबॉट के ‘एम्बॉडेड एआई बिजनेस यूनिट’ के प्रेसिडेंट याओ माओकिंग के मुताबिक हम दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि असलियत में रोबोट्स फैक्टरी में कैसे काम करते हैं. 6 दिनों तक लगातार लाइवस्ट्रीम दिखाकर हमने इस तकनीक की ताकत को साबित किया है.
क्या-क्या काम कर सकते हैं ये रोबोट्स?
इस लाइव टेस्ट में एजीबॉट के G2 ह्यूमनॉइड मॉडल्स का इस्तेमाल किया गया था. ये पहियों वाले ऐसे रोबोट्स हैं जिनका ऊपरी हिस्सा इंसानों जैसा होता है. इन्होंने फैक्टरी में ये काम को किए-
सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान रोबोट्स ने कुल 64,828 टास्क बिना किसी गड़बड़ी के पूरे किए. इस लाइवस्ट्रीम के ठीक बाद, कंपनी ने अपने 15,000वें रोबोट की डिलीवरी भी पूरी कर ली है.
रोबोटिक्स की रेस हुई तेज
रोबोटिक्स मार्केट में यह पहला कारनामा नहीं है. कुछ महीने पहले ही फिगर एआई नाम की भी कंपननी ने अपने Figure 03 रोबोट्स का 200 घंटे का लाइवस्ट्रीम किया था, जहां रोबोट्स ने ढाई लाख पैकेजेस को बिना किसी हार्डवेयर फेलियर के प्रोसेस किया था. एजीबॉट के इस नए कारनामे के बाद अब कंपनियों के बीच इंसानी रोबोट्स को फैक्टरी में तैनात करने की रेस और तेज हो गई है.