बारिश से तर हुआ राजस्थान, कहीं राहत तो कहीं आफत

राजस्थान में मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने गर्मी और उमस से राहत तो दी है, लेकिन कई शहरों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। राजधानी जयपुर में रविवार देर रात शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। वहीं सीकर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार को भी चार जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान में अगले पांच से छह दिनों तक मानसून को सक्रिय बनाए रखेगा। इसके प्रभाव से 10 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

जयपुर में रातभर बरसे बादल, सामान्य से ज्यादा बारिश
राजधानी जयपुर में रविवार देर रात करीब एक बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो सोमवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। रातभर हुई बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि कई निचले इलाकों में पानी भरने से सुबह दफ्तर और स्कूल जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस बार मानसून ने राजधानी पर मेहरबानी दिखाई है। सामान्य तौर पर 5 जुलाई तक जयपुर में करीब 82 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 111 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। इससे साफ है कि मानसून सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

सीकर में जलभराव बना परेशानी, सड़कें बनी तालाब
सीकर में रविवार रात हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। रातभर में एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। नवलगढ़ रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया। कई वाहन जलभराव में फंस गए और लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर की कई कॉलोनियों में भी पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित रहा।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक बारिश सवाई माधोपुर जिले में दर्ज की गई, जहां दो इंच से ज्यादा पानी बरसा। इसके अलावा उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल सबसे ज्यादा मानसूनी गतिविधियां इन्हीं क्षेत्रों में देखने को मिल रही हैं।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट पर बना वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम अब मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में उत्तरी ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसी के असर से राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।

उन्होंने बताया कि अगले पांच से छह दिनों तक राज्य के पूर्वी भागों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

बारिश के बीच कई जिलों में गर्मी का असर बरकरार
एक ओर जहां प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने राहत पहुंचाई, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। रविवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर और बाड़मेर में 42 डिग्री, चूरू में 41.7 डिग्री और फलोदी में 40.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

दूसरे जिलों में भी बदला मौसम
जोधपुर में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

कोटा जिले में रविवार सुबह कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, लेकिन दिनभर उमस बनी रही। लोगों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है।

अजमेर में करीब 3.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अलवर में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। लक्ष्मणगढ़, मौजपुर, रैणी और पिनान क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अलवर में 10 जुलाई तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

उदयपुर में भी रविवार शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश के बाद लेकसिटी का मौसम सुहावना हो गया और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली।

मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों पर नहीं जाने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। अगले कुछ दिन प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहने के संकेत हैं।