Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार ( 12 जुलाई 2026) भाजपा पर निशना साधते हुए कहा कि BJP ने बार-बार जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के खोखले वादे किए हैं. उन्होंने भाजपा पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पार्टी बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच देने की कोशिश करने के आरोपों के बाद उसपर तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई राजनीतिक दलों को तोड़ने का आरोप लगाया. इसके साथ ही सीएम ने कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर कहा कि सरकार ने इसे जल्द बहाल करने का वादा किया था, जो आजतक पूरा नहीं हुआ.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा,’ यहां से ठीक एक घंटे की दूरी पर कटड़ा में, जब ट्रेन सेवा शुरू हुई और प्रधानमंत्री ने अपना भाषण दिया, तब उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की बात की थी. उन्होंने कहा था कि यह कोई साधारण वादा नहीं है. यह मोदी का वादा है. मैं जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेताओं से पूछना चाहता हूं कि वे अपने ही प्रधानमंत्री को झूठा साबित करने पर क्यों तुले हुए हैं? जब भी हमने उनसे पूछा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा कब मिलेगा, तो उनका जवाब होता है कि उचित समय आने पर, सही अवसर पर.’
किसका इंतजार कर रहे पीएम?
सीएम ने कहा,’ या तो उन्हें खुद नहीं पता कि वह सही समय कब आएगा, या फिर वे इस इंतजार में हैं कि यहां भाजपा की सरकार बने. अगर यही सच है, तो उन्हें इसी पार्क में एक सार्वजनिक सभा करनी चाहिए और जम्मू-कश्मीर के लोगों से खुले तौर पर कहना चाहिए कि जब तक भाजपा का कोई नेता जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री नहीं बनता, तब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाएगा.’ सीएम ने आगे कहा,’ परिसीमन (Delimitation) का उद्देश्य भाजपा और उसके सहयोगियों को फायदा पहुंचाना था.’ उमर अब्दुल्ला का ये बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब उनकी पार्टी 20 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने वाली है.
राजनीतिक दलों को तोड़ रही भाजपा…
उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर नेशनल कांफ्रेंस के खिलाफ साजिश रचने का आरपो लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या बढ़ाई गई. 7 नई सीटें बनाई गईं और उनमें से छह पर भाजपा जीती. इससे साफ पता चलता है कि परिसीमन का मकसद किसी भी तरह बैकडोर इस्तेमाल कर सत्ता हासिल करना था. हालांकि, परिसीमन से उन्हें वह लाभ नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी. भाजपा के नेता कहते हैं कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ कोई साजिश नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे साजिश करने और राजनीतिक दलों को तोड़ने से कभी बाज नहीं आते. इस देश के किस हिस्से में उन्होंने पार्टियां नहीं तोड़ी हैं, फिर हम कैसे मान लें कि हम झूठ बोल रहे हैं? महाराष्ट्र को ही देख लीजिए. वहां आपने क्या किया? शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टियों का क्या हाल किया. पश्चिम बंगाल को देखिए. ममता बनर्जी की पार्टी के साथ क्या किया, हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ क्या किया.’
भाजपा कर रही बैकडोर राजनीति
सीएम ने ऑपरेशन लोटस पर निशाना साधते हुए कहा,’ आप खुद गर्व से कहते हैं कि आपने ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया. हम पर बैकडोर से सत्ता में आने का आरोप लगाया जाता है, जबकि असली बैकडोर राजनीति तो भाजपा करती है. जहां वे सामने के दरवाजे से सत्ता में नहीं आ पाते, वहां पीछे के दरवाजे से सरकार बनाने की कोशिश करते हैं और यहां भी उनकी नजर किसी भी तरह सत्ता हासिल करने पर ही है.’