मुजफ्फरनगर। पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह को पकड़ा है। गिरोह से जुड़े लोग बिहार व छत्तीसगढ़ से गांजा तस्करी कर रहे थे। गिरोह अपने साथ कार में युवती को लेकर चलता था, जिससे पुलिस की चेकिंग में जांच से बचा जा सके। पकड़े गए गिरोह के कब्जे से 50 किलोग्राम गांजे के साथ कार बरामद हुई है।
सोमवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने बताया कि रविवार देर रात पुलिस ने चेकिंग में कार समेत चार सवारों को पकड़ा था। जांच के दौरान कार के अंदर से गांजा बरामद हुआ। आरोपित अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के सदस्य हैं।
पकड़े गए तस्करों ने अपने नाम मिथलेश निवासी चाकघाट, रीवा मध्य प्रदेश, रोहित उर्फ मुन्ना निवासी पकड़ी बाजार, सिवान, बिहार, संदीप निवासी रिविल गंज, छपरा, बिहार तथा युवती ममता यादव निवासी ग्राम जुटमिल, रायगढ़, छत्तीसगढ़ बताए।
एसएसपी ने बताया कि बरामद गांजा लगभग 10 लाख रुपये का है। इसे गाजियाबाद के साहिबाबाद के गांव झंडापुर निवासी वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा को सप्लाई करना था। गाजियाबाद में वीरेश व उसका साथी महेश यादव उर्फ डीपी यादव निवासी लोनी, गाजियाबाद इसे बेचते हैं।
कार भी मुख्य तस्कर वीरेश महतो की है। बताया कि तस्कर महेश यादव छत्तीसगढ़ से गांजा खरीदकर उसे गाजियाबाद पहुंचाने की जिम्मेदारी इन लोगों को देता था। छत्तीसगढ़ से गाजियाबाद गांजा पहुंचाने के लिए हर खेप में आरोपितों को 36 हजार रुपये और युवती को छह हजार रुपये मिलते थे।
दिल्ली-यूपी तक फैला नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि गांजा तस्करी के साथ उसकी सप्लाई का नेटवर्क दिल्ली समेत यूपी से जुड़ा है। आरोपित गाजियाबाद समेत आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई करते थे।
देखा जा रहा है कि गांजे की बड़ी खेप कहीं कांवड़ यात्रा को देखते हुए तो नहीं लाई गई थी? इसको लेकर टीम जांच में लगी है। साथ ही फरार मुख्य तस्करों की धरपकड़ के लिए एसओजी और पुलिस की टीम लगाई गई है।