मुजफ्फरनगर: मतांतरण, निकाल और हलाला के जाल में फंसी इंदौर की युवती

मुजफ्फरनगर। फुलत के मदरसा दारुल उलूम रहीमिया के संस्थापक हिफजुर्रहमान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। युवती ने उसका मतांतरण मौलाना हिफजुर्रहमान के मदरसे में किए जाने के आरोप लगाए हैं।

कहा कि मतांतरण के साथ हिंदू युवतियों को कुरआन की आयत पढ़ने, नमाज सीखने का दबाव बनाया जाता था। उन्हें गोमांस खाने को दिया जाता था। एसएसपी कार्यालय पहुंची युवती ने कहा कि उसे फुलत के नावेद ने नवीन राना बनकर प्रेमजाल में फंसाया था।

इसके बाद फुलत लाकर उसका यौन शोषण किया गया। जबरन उसका निकाह कराया गया, बाद में हलाला कर छोड़ दिया गया।

सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची युवती ने शिकायत देकर बताया कि वर्ष 2012 में इंदौर में बीबीए की पढ़ाई के दौरान फेसबुक पर नवीन राणा नाम के युवक से उसकी दोस्ती हुई थी। बाद में वर्ष 2013 में युवक ने अपने साथी वसीम को इंदौर भेजकर उसे दिल्ली बुला लिया।

दिल्ली से उसे फुलत के मदरसे में लाया गया। यहां पर नवीन राणा के बजाय युवक मुस्लिम निकला। आरोपितों ने दबाव बनाकर उसका मतांतरण कराया। नमाज पढ़ने के साथ धार्मिक ग्रंथ की आयत सीखने पर विवश किया। युवती ने कहा कि पहले उसका निकाह अब्दुल रहमान, उसके बाद वर्ष 2015 में उसका दूसरा निकाह शामली निवासी मुदस्सिर के साथ कराया गया।

2019 में मुदस्सिर की मौत हो गई थी। इसके बाद खालिद से उसका तीसरा निकाह कराया गया। आरोप है कि सब कुछ मौलाना कलीम सिद्दीकी और हिफजुर्रहमान के मदरसे में किया गया। उसके साथ राजस्थान के जयपुर में खालिद के जीजा से उसका हलाला करने के बाद छोड़ दिया गया। 14 साल तक उसका मानसिक और यौन शोषण किया गया।

युवती ने बताया कि उसका मतांतरण मौलाना हिफजुर्रहमान के मदरसे में किया गया था। यहां पर हिंदू युवतियों को लाकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपित उन्हें खाने में गोमांस देते थे। उसे मेरठ के दाऊद के मदरसे और फुलत के मदरसे में रखा गया।

आरोप लगाया कि जमीयत उलमा से जुड़े लोग भी इस गिरोह शामिल हैं। मामले को लेकर पांच मई 2026 को गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 16 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।

आपस में बातचीत नहीं करने देते थे आरोपित
युवती ने कहा कि मेरठ के दाऊद के मदरसे में हिंदू युवतियों को रखा जाता था। उन्हें आपस में बातचीत करने नहीं दिया जाता था। जमीयत उलमा हिंद के पदाधिकारियों पर उसे डराने व धमकाने के आरोप लगाए हैं। वह किसी तरह से आरोपितों के चंगुल से छूटी थी। आरोपितों ने उसके स्वजन को धमकी दी, नोटिस भेजकर मानहानि का दावा किया।

यह था फुलत का मामला
बघरा के योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने फुलत के मदरसा रहीमिया दारुल उलूम में अवैध मतांतरण होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद फुलत निवासी युनूस ने मौलाना हिफजुर्रमान व उसके पुत्र जुबैर पर सरकारी भूमि कब्जाने, हिंदू युवकों का मतांतरण कराने के आराेप लगाते हुए रतनपुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

महाराष्ट्र के युवक का भी कराया था मतांतरण
स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि फुलत के मदरसा दारुल उलूम रहीमिया के संस्थापक हिफजुर्रहमान ने महाराष्ट्र के नासिक के युवक का भी मतांतरण कराया था। युवक आशुतोष पाठक को मतांतरण के बाद हैदर अली बनाया गया है। पुलिस ने इसको लेकर भी जांच शुरू की है।