प्रशांत किशोर से ज्यादा अमीर हैं उनकी डॉक्टर पत्नी, बांकीपुर नामांकन के बाद हुआ खुलासा

Prashant Kishor Net Worth: प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. हलफनामे के मुताबिक पीके और उनकी पत्नी के पास 198 करोड़ रुपये की संपत्ति है. आइये जानते हैं उनसे जुड़ी और क्या- क्या जानकारी सामने आई है?
Prashant Kishor Net Worth: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का यह पहला चुनाव है. नामांकन करने से पहले पीके अपनी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के साथ सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने भी गए थे. इस सीट पर 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और नतीजे 3 अगस्त को आएंगे.

पीके और उनकी पत्नी के पास है 198 करोड़ की संपत्ति
चुनावी हलफनामे से प्रशांत किशोर की संपत्ति को लेकर लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 198 करोड़ रुपये की संपत्ति है. प्रशांत किशोर खुद 96.07 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जिसमें 22.19 करोड़ की चल और 73.87 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है. पीके पर 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज भी है.

पत्नी जाह्नवी दास संपत्ति के मामले में पति से आगे
प्रशांत किशोर की पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास दौलत के मामले में उनसे भी आगे हैं. जाह्नवी दास के पास कुल 101.93 करोड़ रुपये की जायदाद है. इसमें 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है. उन पर 55 लाख रुपये का लोन भी है. पीके ने बताया कि बीते पांच सालों में उन्होंने 4.45 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स और 5.58 करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाया है.

प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने सलाह देने के अपने पुराने प्रोफेशन से तीन साल में 241 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसमें से 98 करोड़ रुपये जन सुराज पार्टी को दान कर दिए थे. उन्होंने एलान किया है कि अगले 5 साल तक वह अपनी कमाई का 90% हिस्सा पार्टी को दान करेंगे. पीके के पास वेदहास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के 100% शेयर हैं. इस कंपनी ने साल 2024-25 में जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का चंदा दिया था.

भाजपा के गढ़ में पीके की सीधी चुनौती
बांकीपुर सीट भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और यहां से बीजेपी के नितिन नवीन लगातार चुनाव जीतते आ रहे थे. उनके मंत्री बनने और सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है. प्रशांत किशोर इसे बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार के कामकाज पर जनता का फैसला मान रहे हैं. पीके का कहना है कि अगर बांकीपुर की जनता भाजपा को यहां हरा देती है, तो इसकी गूंज सीधे दिल्ली तक सुनाई देगी.