यूपी कैबिनेट एजेंडा: 12 बड़े प्रस्तावों पर कल लगेगी मुहर, देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री आवास में आयोजित की जाएगी. इस बार यूपी कैबिनेट में विभिन्न विभागों से जुड़े एक दर्जन से अधिक अहम प्रस्तावों को मंजूरी के लिए पेश किए जाने की संभावना है. इस बैठक की कार्यसूची में मुख्य रूप से विंध्य एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और मेरठ के गंगा एक्सप्रेस-वे को आपस में लिंक करने के दूरगामी प्रस्ताव शामिल हैं. इसके अलावा संसदीय कार्य विभाग की ओर से सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर होगा.

3 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र: संभावना जताई जा रही है कि आगामी 3 अगस्त से उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो सकता है. इस सत्र की तारीखों को लेकर कैबिनेट मीटिंग की औपचारिक समाप्ति के बाद आधिकारिक घोषणा की जा सकती है. इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी काफी गर्म रहने के आसार हैं. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के हालिया मामले को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है.

सदन में हंगामे के आसार: इस संवेदनशील मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह हमलावर रुख अख्तियार करेगी. वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर सरकार द्वारा अब तक की गई सख्त कार्रवाइयों का पूरा ब्योरा सदन के सामने रखेगी. इस विषय पर विधानसभा में एक विशेष और विस्तृत चर्चा कराए जाने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है. कुल मिलाकर इस बार के मानसून सत्र में उत्तर प्रदेश विधानसभा के भीतर राजनीतिक विवादों की जोरदार बौछारें नजर आने वाली हैं.

एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी को नई दिशा: उत्तर प्रदेश सरकार की यह बहुप्रतीक्षित मंत्रिपरिषद बैठक मंगलवार 21 जुलाई को सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री आवास 05 कालिदास मार्ग पर शुरू होगी. बैठक की तय कार्यसूची में कुल 12 प्रमुख प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिनमें सबसे ऊपर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के एक्सप्रेस-वे से जुड़े 3 अहम प्रोजेक्ट हैं. माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के कनेक्टिविटी मानचित्र को एक बिल्कुल नई दिशा मिलेगी. कैबिनेट के सामने सबसे प्रमुख प्रस्ताव विंध्य एक्सप्रेस-वे के संरेखण (अलाइनमेंट) को लेकर रखा जाएगा.

उत्तर प्रदेश में बनेगा एक्सप्रेस-वे ग्रिड: इसके तहत ग्रीन फील्ड 06 लेन और भविष्य में इसे 08 लेन तक विस्तारित करने के लिए प्रशासनिक संरेखण की मंजूरी मांगी गई है. इसी के साथ विंध्या-पूर्वांचल समर लिंक एक्सप्रेस-वे के 06 लेन संरेखण को भी 08 लेन तक विस्तारित करने का एक अन्य प्रस्ताव कैबिनेट के सामने होगा. तीसरा और सबसे बड़ा प्रस्ताव पूरे प्रदेश में फैले एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को आपस में जोड़कर एक बड़ा ग्रिड बनाने से संबंधित है. इसके तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक लिंक एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेस-वे द्वारा फर्रुखाबाद एक्सप्रेस-वे को जोड़ा जाएगा.

महिला सशक्तिकरण के लिए बड़े कदम: इसके अलावा ईपीसी मोड पर प्रस्तावित अन्य नए एक्सप्रेस-वे के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने को लेकर भी चर्चा होगी. साथ ही आरओडब्ल्यू अलाइनमेंट और शेड्यूल्स सहित रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को भी कैबिनेट से अंतिम अनुमोदन दिलाया जाएगा. इंफ्रास्ट्रक्चर के इन बड़े प्रोजेक्ट्स के बाद महिला कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव भी इस बैठक के मुख्य आकर्षण रहने वाले हैं. मुख्यमंत्री भगीरथी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 की क्षमता का एक उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास बनाने के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है.

ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक बसों पर ज़ोर: वाराणसी के राजघाट स्थित वसंत महिला महाविद्यालय में छात्राओं के लिए नए आधुनिक छात्रावास भवन के निर्माण को भी इस बैठक में हरी झंडी मिलने की उम्मीद है. कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में भी दो महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को कार्यसूची में शामिल किया गया है. इसमें उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग की 1998 की सेवा नियमावली में प्रथम संशोधन और यूपी आउटसोर्सिंग सेवा निगम के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये का ब्याज रहित ऋण देने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही परिवहन विभाग ने प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है.

सहकारिता और फिल्म टैक्स फ्री पर विचार: परिवहन विभाग द्वारा यूपी रोडवेज के बेड़े के सुदृढीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4000 करोड़ रुपये की नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद नीति का प्रस्ताव दिया गया है. वित्तीय मोर्चे पर सहकारिता विभाग ने भी लखनऊ स्थित ग्राम विकास बैंक को 650 करोड़ रुपये तक पुनर्वित्त और कुल 1500 करोड़ की शासकीय गारंटी देने का प्रस्ताव रखा है. वहीं राज्य कर विभाग द्वारा सांस्कृतिक महत्व की फिल्म ‘कृष्णावतारम’ के दर्शकों को SGST की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति देने यानी फिल्म को टैक्स फ्री करने पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा गृह विभाग द्वारा राजभवन सचिवालय सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन और स्टाम्प विभाग द्वारा कानपुर में उप निबंधक कार्यालय के नए भवन के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है.