पिथौरागढ़: भारत-चीन बॉर्डर के पास चट्टान टूटने का खौफनाक नजारा सामने आया है. जहां चीन सीमा तक जाने वाली तवाघाट-गुंजी-कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट और मलघाट के बीच अचानक पहाड़ी दरकने से भारी भूस्खलन हो गया. बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. गनीमत रही कि भूस्खलन के समय आवाजाही नहीं होने से कोई जनहानि नहीं हुई. सड़क बंद होने से फिलहाल दर्जनों वाहन फंसे हैं.
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गिरी चट्टान:दरअसल, यह चट्टान तवाघाट-गुंजी-कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट और मलघाट के बीच टूटी है. जहां पहले तो छोटे कंकड़ गिरने शुरू हुए, फिर बड़ी चट्टान गिरी. इसके बाद तो देखते ही देखते पूरी की पूरी चट्टान दरक गई. जिससे धुल का गुबार उठ गए. चट्टान दरकने का भयानक मंजर देख मौके पर मौजूद लोगों के होश फाख्ता हो गए.
“हमारी टीम कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवें दल को लेने तवाघाट जा रही थी, तभी अचानक भारी भूस्खलन हो गया और सड़क बंद हो गई. पांचवां दल तवाघाट में सड़क खुलने का इंतजार कर रहा है. सड़क खुलने के बाद दल को गुंजी भेजा जाएगा.”- सोबन सिंह बनग्याल, हेड कांस्टेबल, पांगला थाना
खतरे को भांप चुके थे लोग: बताया जा रहा है कि चट्टान गिरने की आशंका को लोग पहले भी भांप चुके थे. ऐसे में वो पहले ही सुरक्षित दूरी पर खड़े हो गए. जिससे बड़ी अनहोनी होने से टल गया. मौके पर मौजूद लोगों ने चट्टान टूटने के मंजर को अपने मोबाइल में कैद कर लिया. जिसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें भयानक नजारा देखने को मिल रहा है.
“आदि कैलाश मार्ग में भारी भूस्खलन से सड़क बंद होने की सूचना मिली है. बीआरओ की टीम सड़क खोलने का प्रयास कर रही है.”- आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला
दारमा घाटी में भी टूटी थी चट्टान: गौर हो कि एक दिन पहले ही यानी 21 जुलाई को दारमा घाटी की सड़क पर भी चट्टान दरकी थी. जहां पंगबावे नामक स्थान पर विशालकाय चट्टानें टूट कर गिरी थी. जिससे सड़क पर भारी बोल्डर और मलबा आ गया. इसकी वजह से सोबला-ढाकर सड़क बंद हो गई है. अभी भी इन विशालकाय चट्टानों से बंद सड़क को खोलने का काम चल रहा है.
बता दें कि चार दिन पहले भी बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले की सीमा पर रमाड़ी ग्राम पंचायत के मुनधुरा तोक में भारी लैंडस्लाइड हुआ था. पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरी थीं. यह क्षेत्र बागेश्वर जिले की कालापैर-कापड़ी ग्राम पंचायत के भेडुवा बगाड़ से करीब 150 मीटर दूर है. घटना के वक्त तेजम तहसील कार्यालय के पास मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित जगह पहुंच गए थे. इस हादसे में भी कोई जनहानि नहीं हुई.