अवैध संबंध, ब्लैकमेलिंग और गद्दी का लालच: हरिद्वार साधु डबल मर्डर केस की इनसाइड स्टोरी, अबतक तीन अरेस्ट

हरिद्वार: उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र में पथरेश्वर महादेव मंदिर के साधुओं के डबल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के नाम आशु, अंकुर उर्फ अखिल गिरी और राममिलन हैं. गन्ना काटने वाली पाठल से दोनों साधुओं का गला रेता गया था. हत्या के पीछे की वजह अवैध संबंध को लेकर पुजारी को ब्लैकमेल करना सामने आया है.

पुलिस ने हथियार भी बरामद किए: हत्याकांड में शामिल चौथा आरोपी उत्तम गिरी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से वो हथियार भी मिल गया है, जिससे दोनों साधुओं की हत्या की गई थी, साथ ही फावड़ा भी बरामद किया है, इसी फावड़े से गड्ढा खोदकर साधुओं की लाश को दबाने की कोशिश की गई थी.

सेवादार उत्तम झा ने दी थी जानकारी: बुधवार 22 जुलाई को हरिद्वार एसएसपी कैंप कार्यालय में कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी. एसएसपी भुल्लर ने बताया कि बीती 21 जुलाई को पथरेश्वर महादेव मंदिर के सेवादार उत्तम झा ने दूसरे सेवादार पंकज को दो साधुओं- पारस गिरी और सेवा गिरी के लापता होने की सूचना दी थी. साथ ही उसने अनहोनी की आशंका भी जताई थी.

दो आरोपी रात में गड्ढा खोद रहे थे: इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है. पंकज की तरफ से दी गई तहरीर में पुलिस को बताया गया कि उत्तम झा ने रात में मंदिर के पास ही जंगल में उत्तम गिरी और आशू को गड्ढा खोदते देखा. पुलिस की जांच उसी दिशा में बढ़ी. पुलिस मौके पर पहुंची और गड्ढा खोदकर देखा तो उममें दोनों गायब हुए साधु पारस गिरी और सेवा गिरी के शव पड़े थे.

हरिद्वार डबल साधु मर्डर केस का खुलासा
रात में ही सभी साधुओं ने पी थी दारू: पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया था कि 18 जुलाई की रात पारस गिरी और सेवा गिरी के साथ उत्तम गिरी, अंकुर, राममिलन और मुख्य पुजारी अखिल गिरी उर्फ अंकुर ने शराब पी थी. इस दौरान सेवादार उत्तम झा भी उनके साथ था. दूसरा सेवादार पंकज पास के ही गांव का रहने वाला है, जो रात में अपने घर चला गया था. तभी से पुलिस चारों आरोपियों उत्तम गिरी, आशु, अंकुर और राममिलन की तलाश में जुटी हुई थी.

तीन आरोपी पुलिस के हाथ आए: पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर काठा पीर के जंगल से तीन आरोपियों अखिल गिरी, आशु व राममिलन को गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ की तो सामने आया कि अखिल गिरी उर्फ अंकुर पथरेश्वर महादेव मंदिर का मुख्य पुजारी है, जो बीते आठ सालों से मंदिर में रहकर पूरी व्यवस्थाएं देख रहा था.

अखिल गिरी को किया गया था ब्लैकमेल: एसएसपी ने बताया कि, अखिल गिरी और उत्तम गिरी के आपस में अवैध संबंध थे. इस बात का पता पारस गिरी (मृतक) को चल गया था. सेवा गिरी और पारस गिरी (दोनों मृतक साधु) कुछ दिनों से मंदिर में ही रह रहे थे. इसके बाद पारस गिरी और सेवा गिरी दोनों मिलकर मुख्य पुजारी अखिल गिरी को ब्लैकमेल करने लगे. दोनों की इच्छा मंदिर की गद्दी पर बैठने की थी.

सेवागिरी को पगड़ी पहनाने के बाद बनाया हत्या का प्लान: आखिर में 18 जुलाई की रात को ही अखिल गिरी ने सेवा गिरी को हाल के अंदर पगड़ी पहनाकर मंदिर की गद्दी का मालिक बना दिया. हालांकि, अखिल गिरी और अन्य तीनों साधु गुस्से में थे तभी उन्होंने दोनों की हत्या का प्लान बनाया. इसके बाद अखिल गिरी अपने तीन अन्य साथियों आशु, राममिलन, उत्तम गिरी से साथ बाइक पर सुल्तानपुर पंचेश्वर मंदिर गए और कुछ देर बाद वापस आए गए.

पाठल से की हत्या: पुलिस ने अनुसार मंदिर में उस रात कुछ सात लोग थे. सेवादार उत्तम झा बगल में ही बने शिव मंदिर में गद्दा लेकर सो गया. इसके बाद चारों आरोपियों (आशु, राममिलन, उत्तम गिरी और अखिल गिरी उर्फ अंकुर) ने सबसे पहले योजना बनाकर सीसीटीवी कैमरे बंद किए. इसके बाद पहले आरोपियों ने हॉल में पाठल से गला रेतकर सेवा गिरी की हत्या की. उसके बाद बाथरूम के फर्श पर पारस गिरी की हत्या की.

दोनों साधुओं को मारने के बाद आरोपियों ने मंदिर के पास ही जंगल में गड्ढा खोदकर उन्हें वहां दबा दिया. हॉल में पड़े खून को साफ कर गद्दे को बाहर जला दिया, जिसके बाद सभी आरोपी मंदिर से भाग गए थे. गड्ढा खोदते हुए उत्तम झा ने उन्हें देख लिया था, जिस पर उन्होंने उत्तम झा को भी धमकाते हुए अपना फोन व सिम तोड़कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी थी. फिलहाल इस मामले में एक आरोपी उत्तम गिरी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है.

आरोपियों की पूरी जानकारी:

अंकुर उर्फ अखिल गिरी चेला महेश गिरी, निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर शिवगढ़ थाना पथरी हरिद्वार – 42 वर्ष.
आशु सैनी, निवासी इस्माईल पुर थाना लक्सर हरिद्वार – 37 वर्ष.
राममिलन, निवासी गोरसाडा उत्तरकाशी हाल पता करनाल हरियाणा – 38 वर्ष.