रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की एक 17 साल की लड़की ने भागकर दूसरे समुदाय के युवक से शादी कर ली थी। इसके बाद लड़की के घरवालों ने उसके पति की अनुपस्थिति में उसे अगवा कर लिया है। फिर लड़की के परिवार वालों ने उसे दो रिश्तेदारों के हवाले कर दिया है। दोनों उस समुदाय के मुखिया भी हैं। इन दोनों ने उसके साथ कई बार रेप किया है।
जबरदस्ती अबॉर्शन की गोलियां भी खिलाईं
इसके साथ ही आरोपियों ने पांच महीने की गर्भवती लड़की को जबरदस्ती अबॉर्शन की गोलियां भी खिलाई हैं। पीड़िता ने बाद में पुलिस को बताया कि जब उसे और अबॉर्शन की गोलियां लाने के लिए एक मेडिकल स्टोर में भेजा गया तो उसने मौका पाकर अपने पति को फोन किया और उसे अपनी आपबीती बताई।
पति ने दी पुलिस को जानकारी
पत्नी के फोन आने के बाद पति ने ही पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पीड़िता को पुलिस ने बचाया है। साथ ही सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर इलाके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया है।
परिवार ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस ने बताया कि जब कुछ महीने पहले लड़की लापता हुई थी तो परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शादी के बारे में जानकारी मिलने के बाद लोगों ने शिकायत वापल ले सी थी। जुलाई की शुरुआत में परिवार ने उसे ढूंढ निकाला था।
ससुराल से ले गए थे जबरदस्ती
कोरिया पुलिस के अनुसार परिवार के सदस्य, समुदाय के दो मुखियाओं के साथ पीड़िता के ससुराल पहुंचे और ससुराल वालों के विरोध के बावजूद उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गए। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने कहा कि उसके परिवार ने उसे समुदाय के दो मुखियाओं रमेश सिंह और दारोगा सिंह के हवाले कर दिया।
आरोपी पीड़िता को घर ले गए
दोनों आरोपी उसे सूरजपुर स्थित अपने घर ले गए, उसे बंधक बनाकर रखा और कई बार रेप किया। जब उन्हें पता चला कि लड़की पांच महीने की गर्भवती है तो उन्होंने जबरदस्ती अबॉर्शन की दवा दे दी। साथ ही बच्चे को गिराने के लिए पेट पर लात मारी। वहीं, पुलिस को शक है कि लड़की के परिवार ने शुरू में शादी को स्वीकार कर लिया था और लेकिन समुदाय के दबाव के कारण उन्हें उसके खिलाफ ऐसा कदम उठाना पड़ा।