भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र तीसरे दिन ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया. विधानसभा में तीसरे दिन देर रात तक अनुपूरक बजट पर चली चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया. इसके पहले मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामे के बीच 5 संशोधन विधेयकों को भी पास कर दिया गया. सत्र के तीसरे दिन छात्रों को कीड़ा कहे जाने जैसे बयानों पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई. बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि कैलाश विजयवर्गीय ने छात्रों को लेकर ऐसे किसी शब्द का उपयोग नहीं किया था.
विधानसभा में 5 बिल हए पारित
विधानसभा के तीसरे दिन सदन में पांच विधेयकों को चर्चा के बाद पारित कर दिया गया. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया. मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक को चर्चा के बाद पारित कर दिया गया. इसके अलावा मध्यप्रदेश राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक और मध्यप्रदेश निरसन विधेयक 2026 को चर्चा के बाद पारिक कर दिया गया.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान पर हंगामा
इस बीच संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में प्वाइंट ऑफ ऑर्डर पर छात्रों को कीड़ा कहे जाने का मुद्दा उठाया. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने सदन के बाद बयान दिया कि विधानसभा में चर्चा के दौरान मैंने छात्रों को कीड़ा कहा, यह सदन की मर्यादा के खिलाफ है. यह शब्द मैंने छात्रों को लेकर नहीं कहा और नेता प्रतिपक्ष ने सदन के बाद गलत बयान दिया. मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए गलत बयान के लिए नेता प्रतिपक्ष द्वारा माफी मांगे जाने की मांग की.
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नेता प्रतिपक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. इसे लेकर हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने प्रोसीडिंग देखी है और कैलाश विजयवर्गीय ने छात्रों के लिए ऐसे किसी शब्द का उपयोग नहीं किया.
शिक्षकों की ई-अटेंडेंस का मुद्दा भी उठा
विधानसभा में प्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस का मुददा भी सदन में गूंजा. कांग्रेस विधायकों ने शिक्षकों की अटेंडेंस को लेकर सवाल उठाया कि नेटवर्क की समस्या के चलते शिक्षकों को अटेंडेंस में समस्या आ रही है और इस वजह से कई शिक्षकों की सैलरी में परेशानी आ रही है. विपक्ष ने टीचर्स से जुड़ी जानकारी के डेटा की सुरक्षा का सवाल भी उठाया. उधर मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में 95.5 फीसदी टीचर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और जहां भी नेटवर्क की समस्या है, इसके लिए प्रदेश भर से जानकारी बुलाई जा रही है.