मंच तीन पर निशाना एक: UP चुनाव से पहले अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक

लखनऊ: कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी से किनारा किए जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी राजनीति चमकाने के लिए दिल्ली में छात्र आंदोलन का इस्तेमाल करने में सफल हुए हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर धरने में ही नहीं बल्कि राहुल गांधी के 7, लोक कल्याण मार्ग से संसद तक के विरोध प्रदर्शन में भी भागीदारी करके अपनी अहमियत कायम रखने की कोशिश की। वे अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाने के लिए दिल्ली में सभी मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है। इसलिए इससे पहले अखिलेश यादव की सक्रियता के मंशा साफ है।

पिछले कुछ दिनों में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव दिल्ली के दो सबसे अहम राजनीतिक मंच जंतर मंतर और संसद को अपने प्रचार का जरिया बनाने में सफल हुए हैं। तीसरा मंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास के बाहर बना। वहां अखिलेश ने अचानक पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने को उत्तर प्रदेश के युवाओं पर केंद्रित एक मंच में बदलने की भरपूर कोशिश की।

सपा की राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश
अखिलेश यादव विरोध प्रदर्शनों पर सिर्फ प्रतिक्रिया देने तक नहीं रुके, उन्होंने इससे आगे बढ़कर इनका इस्तेमाल सपा की राजनीतिक पहचान को मजबूत करने के लिए किया। वह पहचान जिसे वे 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं के मन में बिठाना चाहते हैं। यूपी में लगातार दो बार सत्ता से बाहर रहने के बाद समाजवादी पार्टी अपनी पहचान छात्रों, बेरोजगार युवाओं के साथ खड़ी होने वाली पार्टी के रूप में बनाना चाहती है।

विपक्ष का दूसरा बड़ा चेहरा
अखिलेश यादव भले ही नई दिल्ली में सक्रियता दिखा रहे हों, लेकिन फिलहाल उनकी मंजिल राजधानी दिल्ली नहीं, बल्कि लखनऊ है। उनका लखनऊ का रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता हुआ दिख रहा है। दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों में राहुल गांधी के बाद अखिलेश यादव ही विपक्ष के दूसरे सबसे प्रमुख चेहरे के तौर पर उभरते दिख रहे हैं।

जंतर मंतर पर मिला पहला मंच
परीक्षा के पेपर लीक होने और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जब जंतर मंतर पर धरना और अनशन के साथ आंदोलन शुरू हुआ तो अखिलेश को राजनीति चमकाने के लिए पहला मंच मिल गया। जंतर-मंतर पर सपा की सांसद डिंपल यादव ने बार-बार प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। वे अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और बीजेपी सरकार पर देश के युवाओं को निराश करने का आरोप लगाया।