सहारनपुर : यूपी के सहारनपुर स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक से विस्फोट हो गया। पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से काम करने वाले मजदूरों के चीथड़े उड़ गए। धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज करीब तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और मुख्य मार्ग से गुजर रहे वाहन तक हिल गए। हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि ठेकेदार समेत दो मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। आशंका है कि वे मलबे में दबे हो सकते हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू कराया।
गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर गांव कुंडाबसी के पास स्थित पटाखा निर्माण इकाई में शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक जबरदस्त विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय फैक्ट्री के एक हिस्से में आतिशबाजी के लिए बारूद का मिश्रण तैयार किया जा रहा था, जबकि दूसरी ओर करीब 20 मजदूर काम में लगे थे। विस्फोट होते ही अफरातफरी मच गई और दूसरी इकाई में काम कर रहे मजदूर जान बचाकर बाहर भागे। हादसे में 23 वर्षीय दीपराज और 25 वर्षीय संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों इंदौर जिले के रहने वाले थे और एक माह पहले ठेकेदारी के कार्य के लिए यहां आए थे।
धमाके से उड़ीं दीवारें ओर टीनशेड
साथ काम कर रहे मजदूरों के मुताबिक आकाश और राहुल भी विस्फोट वाले हिस्से में मौजूद थे। देर शाम तक उनका पता नहीं चल सका। उनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। विस्फोट इस कदर तेज था कि फैक्ट्री की दीवारें और टीनशेड पूरी तरह उड़ गए। मलबा और शवों के अवशेष दूर तक बिखर गए। पुलिस और राहत दल ने घंटों तक मौके पर खोजबीन कर शवों के अवशेष एकत्र किए। फैक्ट्री गांव निवासी मुर्सलीन की जमीन पर संचालित हो रही थी, जिसे गाजियाबाद निवासी हसन ने किराये पर लेकर पटाखा निर्माण इकाई स्थापित की थी। परिसर करीब पांच बीघा क्षेत्र में फैला है और दो हिस्सों में है।
विस्फोट के कारणों की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह, अग्निशमन विभाग और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू करा दी। प्रशासन फैक्टरी में सुरक्षा मानकों, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और लाइसेंस की शर्तों के पालन की भी जांच करेगा।
क्या बोले डीएम
सहारनपुर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी में दो ठेकेदारों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य मजदूरों की तलाश की जा रही है। फैक्टरी के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दूर-दूर तक गिरे चीथड़े
हादसे इतना भयानक था कि वहां काम करने वाले दो मजदूरों के चीथड़े उड़ गए। शव के चीथड़े दूर तक जाकर गिरे। दो किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट की आवाज से आसपास के घर भी हिल गए। आनन-फानन में ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी तुरंत इलाके को घेरकर बचाव कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के पटाखा फैक्ट्री काफी समय से संचालित हो रही थी। दिवाली के चलते यहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। पुलिस हादसे का कारणों का पता कर रही है। पुलिस की पूछताछ में फैक्ट्री मालिक गाजियाबाद का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। हादसे से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा है।