हरियाणा में बदले सियासी समीकरण! CM के कार्यक्रम का आयोजन कर रहा कांग्रेस विधायक का बेटा

नूंह: हरियाणा नूंह मेवात में शनिवार (25 जुलाई) को अनाज मंडी पुनहाना में होने जा रही मेवात विकास संकल्प रैली की तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही हैं. इस रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे. खास बात यह है कि कांग्रेस से विधायक बने मोहम्मद इलियास के पुत्र जावेद एडवोकेट इस रैली के मुख्य आयोजक हैं. वैसे बीजेपी के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

इस रैली की सुरक्षा को चाक चौबंद बनाने के लिए पुलिस विभाग ने अभी से अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है. पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अर्पित जैन, डीसी अखिल पिलानी लगातार अनाज मंडी पुनहाना का दौरा कर रहे हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं. रैली के आयोजक जावेद एडवोकेट ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह रैली अब तक की सभी रैलियों का रिकॉर्ड भीड़ के एतबार से तोड़ देगी.

75 गांव का दौरा लोगों को रैली के लिए किया गया आमंत्रित
उन्होंने कहा कि इस रैली की तैयारी को लेकर उन्होंने 75 गांव का दौरा किया है और लोगों को इस रैली के लिए आमंत्रित किया है. जावेद एडवोकेट ने कहा कि इस रैली में मेवात यूनिवर्सिटी, दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेस वे पर मरोड़ा गांव में कट, गुरुग्राम – अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग 248ए को फोरलेन बनाने के अलावा नए कॉलेज, स्कूल अपग्रेड, बिजली घर के अलावा बहुत सारी मांगे इस मेवात विकास संकल्प रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने रखी जाएंगी.

आयोजक जावेद एडवोकेट ने कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा भरोसा है कि कोई बड़ी सौगात शनिवार को पुनहाना में आयोजित इस रैली में इलाके के लोगों को मिल सकती है. कुल मिलाकर इस रैली की खासियत यह है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार इस इलाके में दूसरे दलों के बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ने में कामयाब हो रही है. इससे पहले पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक नसीम अहमद, पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद पहले ही भारतीय जनता पार्टी के रंग में रंग चुके हैं.

विधायक आफताब अहमद का ही परिवार, मजबूती से डटा हुआ कांग्रेस में
अब विधायक मोहम्मद इलियास का परिवार भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहा है. यह चारों ही नूंह जिले के बड़े राजनीतिक घराने हैं. जिनके भाई, पिता या दादा विधायक या सांसद रह चुके हैं. बड़े राजनीतिक परिवारों की बात करें तो अब सिर्फ कांग्रेस विधायक आफताब अहमद का ही परिवार है, जो मजबूती से कांग्रेस में डटा हुआ है. लेकिन इतने नेताओं के शामिल होने के बावजूद भी अभी तक बीजेपी इस इलाके में लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में कोई बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई है.

अब देखना यह है कि इस रैली में कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर या किसी अन्य कारण का हवाला देकर इस्तीफा देते हैं या नहीं इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. अगर इस्तीफा दिया जाता है तो पुनहाना विधानसभा में उपचुनाव होना लाजमी है, जिसको लेकर अन्य राजनीतिक दल भी पूरी तरह से एक्टिव दिखाई दे रहे हैं. इस रैली के आयोजन में अब चंद घंटे बचे हैं. जिस पर नूंह ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं.