आधी रह जाएगी सोने की कीमत, गहने बनवाने हैं तो कर लो पैसे तैयार, एक्सपर्ट का दावा

नई दिल्ली. सोने की कीमत को देखते हुए अगर आपके हाथ भी गहने बनवाने से पीछे हट जाते हैं तो बस थोड़ा इंतजार कीजिए. एक्सपर्ट का दावा है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दिखने वाली है. एक्सपर्ट ने तो यहां तक दावा किया है कि सोने की कीमतों में करीब 50 फीसदी की गिरावट आ सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं और आने वाले समय में इनका असर दिखना शुरू हो जाएगा.

ईरान युद्ध से पहले ही सोने की कीमतों में भारी उछाल दिख रहा है. कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि सोने के भाव आने वाले समय में और बढ़ जाएंगे, लेकिन कुछ एक्सपर्ट ऐसे भी हैं जो इसमें बड़े गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं. आम आदमी के मन में फिर यह सवाल उठना शुरू हो गया है कि आने वाले समय में इसकी कीमतों में नरमी आएगी या फिर और बढ़ जाएंगी. अगर आप भी इस मामले को लेकर उलझन में हैं तो एक्सपर्ट के हालिया अनुमान पर नजर डालें जिसमें आने वाले समय में सोने का भाव 50 फीसदी कम होने का अनुमान लगाया गया है.

जनवरी में 1.91 लाख रुपये पहुंच गई थी कीमत
इस साल जनवरी में सोने की कीमत बढ़कर 1.91 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी. इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हो गया, जिससे क्रूड और डॉलर की कीमतों में उछाल आने लगा. इसका असर सोने के भाव पर भी दिखा और सोने-चांदी दोनों की कीमत कम होने लगी. जनवरी से जुलाई के भव को देखा जाए तो अब तक करीब 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. फिलहाल 24 कैरेट यानी 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1.41 लाख रुपये के आसपास है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
जेपी मॉगर्न जैसे तमाम एक्सपर्ट ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है. एक्सपर्ट के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट के कई तकनीकी इंडीकेटर इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि गोल्ड में जनवरी के पीक से 50 फीसदी की गिरावट आ सकती है. साल 2026 के आखिर तक इसका भाव गिरकर 2,780 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है. वैसे जेपी मॉगर्न और गोल्डमैन सॉक्स जैसे एक्सपर्ट का कहना है कि सोने का भाव 3,800 से 4 हजार डॉलर के आसपास रहेगी.

पहले भी ऐसा ही रहा है इतिहास
एक्सपर्ट का कहना है कि साल 2008 की ग्लोबल आर्थिक मंदी के बाद 2011 से 2015 तक सोने की डिमांड खूब रही, क्योंकि तब इसे सुरक्षित निवेश माना जाता था. इससे सितंबर, 2011 तक इसकी कीमत 1,920 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुंची. हालांकि, बाद में सुधार आने पर निवेशकों ने यहां से पैसे निकालकर शेयर बाजार में लगाना शुरू कर दिया. इससे दिसंबर, 2015 तक सोने का भाव गिरकर 1,050 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. यह करीब 45 फीसदी की गिरावट थी.

2026 में भी दिखा यही ट्रेंड
एक्सपर्ट ने अपने आंकड़ों में बताया है कि पिछली मंदी जैसा ट्रेंड इस बार भी दिख रहा है. साल 2026 में ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव 5,595 डॉलर प्रति औंस तक चला गया था. बाद में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा तो महंगाई के दबाव में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरें बढ़ा दीं, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बनना शुरू हो गया. अब तक सोने का भाव करीब 30 फीसदी गिरकर 4 हजार डॉलर प्रति औंस के आसपास आ चुका है.

क्यों गिर रहा है सोने का भाव
गोल्ड बाजार के तकनीकी एनालिस्ट का मानना है कि बीते 2 साल में सोने की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अब इसमें गिरावट आनी शुरू हो गई है. अभी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में तेज गिरावट जारी है और सोने के आयात पर भी सरकार ने अंकुश लगाया है. इससे सोने की कीमत ग्लोबल मार्केट में और नीचे आएगी. हालांकि, भारतीय बाजार में इसकी कीमतों में 20 फीसदी तक ही गिरावट दिख सकती है. अगर ग्लोबल मार्केट पर दबाव बढ़ा तो निश्चित रूप से सोने का भाव और नीचे जाएगा.