राजद अब लालू का नहीं रहा… यह कहकर अर्जुन राय ने छोड़ी पार्टी, बोले-बिहार का विकास डबल इंजन से होगा

मुजफ्फरपुर। बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री अर्जुन राय ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए अब डबल इंजन की सरकार ही बेहतर विकल्प है।

प्रेसवार्ता में किया बड़ा एलान
चांदनी चौक स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में अर्जुन राय ने कहा कि भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बिहार भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है।

‘राजद अब लालू की नीतियों पर नहीं’
अर्जुन राय ने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद अब लालू प्रसाद की मूल विचारधारा और नीतियों से दूर चला गया है। इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, जनता के हित और बिहार के विकास को प्राथमिकता देते हुए भाजपा के साथ जुड़ना समय की मांग है।

केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना
पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने बिहार में पंचायत चुनाव से पहले प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का भी स्वागत करते हुए कहा कि सरकार जनहित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।

‘जनता की अपेक्षाएं भाजपा पूरी करेगी’
अर्जुन राय ने कहा कि वह हमेशा जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति में रहे हैं। उनका मानना है कि बिहार की जनता की विकास संबंधी अपेक्षाएं भाजपा और डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में बेहतर ढंग से पूरी हो सकती हैं।

सीतामढ़ी के विकास का भी किया जिक्र
उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए वह सीतामढ़ी में कई विकास योजनाएं शुरू करना चाहते थे, लेकिन वे पूरी नहीं हो सकीं। अब भाजपा के साथ मिलकर उन योजनाओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्र के विकास के लिए काम करने का प्रयास करेंगे।

राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को बिहार की बदलती सियासी तस्वीर और आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।