सऊदी अरब में सोमवार को सऊदी अरामको की सबसे बड़ी अबकैक रिफाइनरी और ईस्ट-वेस्ट पंपिंग स्टेशन पर ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई. नासा की सैटेलाइट तस्वीरों में संयंत्र पर बड़े पैमाने पर आग की लपटें और गंभीर नुकसान साफ नजर आ रहा है. सऊदी अरब ने इस हमले के पीछे इराक में ईरान समर्थित संगठन का हाथ होने का आरोप लगाया है.
हालांकि ईरान का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से उसने हमलें रोके हुए हैं. इसकी वजह अमेरिका की तरफ से हमले रोकना है. लेकिन नासा फर्म के सैटेलाइट इमेजेस में रिफाइनरी से उठती आग साफ दिखाई दी है. शुरुआती रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि हमले से दुनिया की सबसे अहम तेल प्रोसेसिंग साइट में से एक को काफी नुकसान पहुंचा है.
क्यों अहम है अबकैक रिफाइनरी?
अबकैक दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल स्टेबलाइजेशन प्लांट माना जाता है. यहां दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 5 से 7 प्रतिशत प्रोसेस किया जाता है. इसलिए इस रिफाइनरी में किसी भी तरह की रुकावट का असर सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है.
सऊदी अरब ने किस पर लगाया आरोप?
सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया है. हमले के बाद अधिकारियों ने कई ऑयल प्रोड्यूसर सेंटर्स पर इमरजेंसी फ्लेयरिंग शुरू कर दी, ताकि आग और नुकसान को कंट्रोल किया जा सके. सऊदी सरकार ने यह भी कहा है कि वह इस हमले का जवाब देने का अधिकार उनके पास है.
सैटेलाइट तस्वीरों में रिफाइनरी के कई हिस्सों में आग और नुकसान के संकेत मिले हैं. अबकैक रिफाइनरी सऊदी अरब के कच्चे तेल को प्रोसेस कर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है.
दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
जानकारों का मानना है कि अगर रिफाइनरी का काम लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.