मेलानिया ट्रंप का खुला चैलेंज….ये काम कर के दिखाओ और 8.78 लाख ले जाओ

America AI Challange: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने एक अनोखा AI चैलेंज शुरू किया है. जिसमें भाग लेने वालों को बड़ा गिफ्ट जीतने का मौका मिल रहा है. यह एक सरकारी कंपीटीशन होगा, जिसमें अमेरिका के किंडरगार्टन से लेकर 12वीं क्लास तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं. इस कंपीटीशन को जीतने वाले को 8.78 लाख रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा. यह AI चैलेंज राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद शुरू हुआ है, इसका उद्देश्य अमेरिका में AI एजुकेशन को बढ़ावा देना है. आइए अब जानते हैं क्या है ये AI चैलेंज?

जानिए क्या है AI चैलेंज
अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने जो AI चैलेंज शुरू किया है, उसमें छात्रों की टीमों को भाग लेना होगा. हर टीम को एक मेंटर के साथ काम करना होगा और उन्हें AI टूल्स का यूज करके एक ऐसा ऐप, वेबसाइट या डिवाइस बनाना है जो समाज की किसी समस्या को हल कर सके. यह किसी एक समस्या पर फोकस कर सकता है या कई समस्याओं को समाधान भी देने वाला भी हो सकता है. इसके लिए प्रोजेक्ट जमा करने की लास्ट डेट दिसंबर की आखिरी तारीख है.

क्या मिलेगा जीतने वाले को
AI चैलेंज में जीतने वाली टीमों को खास इनाम मिलेगा. इस कंपीटीशन में हिस्सा लेने वाली सभी टीम को प्रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन मिलेगा. अलग-अलग स्तर पर पुरस्कार अलग होंगे. राज्य स्तर के विजेताओं को प्रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट के साथ क्लाउड क्रेडिट्स और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस मिलेगा. क्षेत्रीय स्तर के विजेताओं को ये सभी फायदे मिलेंगे और उन्हें वाशिंगटन डीसी में तीन दिन के प्रोग्राम में शामिल होने का मौका मिलेगा, जहां उनके प्रोजेक्ट्स को व्हाइट हाउस में दिखाया जाएगा. राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को प्रेसिडेंशियल अवार्ड सर्टिफिकेट, क्लाउड क्रेडिट्स और 10,000 डॉलर का इनाम मिलेगा.

AI पर ट्रंप का है इस बार विशेष फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने इस कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं. इस साल उन्होंने AI से जुड़ा एक राष्ट्रीय एक्शन प्लान जारी किया, जिसका मकसद AI के नियमों को सरल बनाना, नई तकनीकी खोजों को प्रोत्साहित करना और अमेरिका को वैश्विक स्तर पर AI का नेतृत्वकर्ता बनाना है. जुलाई में एक समिट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका AI के क्षेत्र में वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा. इस दिशा में उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी सक्रिय हैं. उन्होंने टेक इट डाउन एक्ट को समर्थन दिया, जिसका उद्देश्य AI द्वारा बनाई गई डीपफेक को रोकना है.

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